मथुरा: हरियाणा के पलवल जनपद के गांव मंडकोला निवासी दो युवकों ने खुद को मरा दिखाकर बीमे के तीन करोड़ बीस लाख रुपए हड़पने की बेहद खौफनाक साजिश रची और इसे अंजाम देने के लिये अपने ही दो दोस्तों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी. सीनियर एसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया, ”शुक्रवार की सुबह बरसाना-छाता मार्ग पर आजनौख गांव के समीप एक मारुति ईको कार पूरी तरह से जली हुई अवस्था में मिली. उस गाड़ी में पुलिस को दो नरकंकाल भी मिले.”Also Read - MP: अपहरण के बाद हेड कॉन्‍स्‍टेबल का मर्डर, डेडबॉडी को दफनाया, बीजेपी नेता का नाम आया सामने

एसएसपी पंकज ने बताया कि प्रथमदृष्टया माना जा रहा था कि शॉर्ट सर्किट के चलते कार में आग लग गई और कार में सवार दो व्यक्ति उसमें जलकर मर गए. दोनों शव इतनी बुरी तरह से जले थे कि उनकी कोई शिनाख्त नहीं हो पा रही थी. Also Read - Chhattisgarh: मां ने दूध पीने की जिद कर रहे ढाई साल के बेटे को पटका, मौके पर ही हुई मौत

एसएसपी ने बताया, मामले की जांच कर रही पुलिस टीम किसी नतीजे पर पहुंचती, उससे पूर्व ही अगले दिन हरियाणा के निकटवर्ती जनपद पलवल के थाना हथीन की एक पुलिस टीम मथुरा पहुंची और मंडकोला गांव के दो युवक जो गोवर्धन आए थे, उनके गायब होने की जानकारी दी. हरियाणा पुलिस ने जिस कार का जिक्र किया था, वह वही कार निकली. लेकिन उन्होंने बताया कि उसमें चार युवक मंडकोला से चले थे. परंतु, मौके पर तो दो के ही शव मिले. इस पर कार मालिक के मोबाइल की लोकेशन व कॉल डिटेल मालूम कर उसका पता लगाया तो वह जिंदा मिला. Also Read - Jharkhand News: रांची में सरेआम BJP नेता की गोली मारकर हत्या, भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की

एसएसपी पंकज ने बताया, ” यह पूरी घटना लालाराम (35) पुत्र झम्मन लाल के दिमाग की उपज थी. जिसने अपने जिगरी दोस्त और रोहताश (34) पुत्र बुद्धि के साथ योजना बनाकर एक माह पूर्व जनवरी में तीन करोड़ 20 लाख रुपए की बीमा पॉलिसी खरीदी और फिर गुरुवार को मथुरा घूमने का प्रोग्राम बना लिया. वे दोनों खुद को मरा दिखाकर घरवालों से क्लेम कराकर बीमा राशि हड़पना चाहते थे.” उन्होंने अपनी लाशें बरामद कराने के लिए गांव के दो अन्य दोस्त लेखन (38) पुत्र राम सिंह और कुंवरपाल (40) पुत्र गंगासहाय को साथ ले लिया.

गुरुवार की रात घर लौटते समय योजनानुसार उन दोनों को नशे में धुत कर कार में आग लगा दी और उसके बाद वे फरार हो गए. लेकिन जब वे दोनों वापस घर नहीं पहुंचे और उनके मोबाइल फोन की लोकेशन मथुरा तक मिली और उसके बाद फोन बंद हो गया तो लालाराम के बड़े भाई चिरंजीलाल ने उनकी गुमशुदगी दर्ज करा दी. लेकिन जब जांच में यह पता चला कि उन्होंने हाल ही में बीमा कराया था तो पुलिस को शक हो गया.

दोनों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लेकर पुलिस ने उनकी हर हरकत का पता लगाया और लालाराम को दबोच लिया. इसके बाद रविवार को लालाराम से ही पूरी योजना उगलवा ली. जिसके अनुसार वे दोनों अलग-अलग ली गई बीमा पॉलिसियों का फर्जी भुगतान लेना चाहते थे. पुलिस को शक है कि इस योजना में उनके परिवारीजन भी शामिल हो सकते हैं. फिलहाल, पुलिस अब रोहताश की खोज में जुट गई है.