मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश की जेलों में एचआईवी संक्रमण का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. जेलों में लगातार एचआईवी से संक्रमित कैदी  मिल रहे हैं. गोरखपुर, मेरठ के बाद अब मुजफ्फरनगर की जिला जेल में बंद पांच विचाराधीन कैदी एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं.  जेल अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है. जेल अधीक्षक ए. के. सक्सेना के अनुसार राज्य प्रशासन के निर्देश पर कैदियों का परीक्षण  किया गया. इसमें पांच कैदी एचआईवी से संक्रमित पाए गए हैं. इससे पहले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर व मेरठ की जिला जेलों में 33  कैदी एचआईवी संक्रमित पाए गए थे.

गोरखपुर जेल में भी मिले थे एचआईवी पॉजिटिव
इससे पहले 28 फरवरी, 2018 को गोरखपुर जेल में 33 कैदी एचआईवी पॉजिटिव मिले थे. जेल अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की  थी. कैदियों में जो लोग एचआईवी पॉजिटिव मिले थे, उनमें से अधिकतर अंडरट्रायल हैं. गोरखपुर जेल सुप्रीटेंडेंट रामधानी मिश्रा के  मुताबिक, ये केस तब सामने आए जब रेगुलर हेल्थ कैंप चलाए जा रहे थे. जेल में कैदियों की मेडिकल जांच की गई. ये स्क्रीनिंग यूपी  स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी यानी UPSACS के अंतर्गत हुई थी. इन सभी का गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एआरटी  सेंटर के तहत इलाज चल रहा है.

मेरठ जेल में 10 कैदी हैं एचआईवी संक्रमित
10 मार्च, 2018 को मेरठ की जिला जेल में 10 कैदियों के एचआईवी पॉज़िटिव होने की पुष्टि हुई थी. इन कैदियों का इलाज मेरठ मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर में चल रहा है. एआरटी कॉलेज के सीएमओ डॉक्टर राजकुमार के अनुसार, ये सभी कैदी विचाराधीन  कैदी हैं और जेल आने से पूर्व ही एचआईवी संक्रमित हो चुके थे.

मानवाधिकार आयोग से यूपी सरकार को मिल चुका है नोटिस
उत्तर प्रदेश की 70 जेलों में अब तक लगभग 250 से ज्यादा कैदियों के एचआईवी पॉज़िटिव होने की ख़बरें आ चुकी हैं. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यूपी की गोरखपुर जिला जेल में 4 महीने के दौरान 24 कैदियों के एचआईवी संक्रमित पाए जाने के मामले को  स्वत: संज्ञान लिया था. आयोग ने यूपी सरकार को 7 मार्च को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था.