नई दिल्ली: नोएडा में शुरू होने जा रही मेट्रो की एक्वा लाइन पर दिल्ली मेट्रो में इस्तेमाल होने वाले मेट्रो कार्ड से सफर नहीं कर सकेंगे. एक्वा लाइन का मैनेजमेंट देखने वाले नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के सूत्रों का कहना है कि 29.7 किमी लंबी एक्वा लाइन के लिए जारी होने वाले टिकट और कार्ड ब्लू लाइन में मान्य नहीं होंगे. साथ ही दिल्ली मेट्रो के कार्ड इस लाइन में नहीं चलेंगे. वहीं नोएडा मेट्रो के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर पी.डी उपाध्याय ने कहा कि एक्वा लाइन मेट्रो कार्ड का इस्तेमाल टैक्सी, बस और मॉल तक में किया जा सकेगा. उपाध्याय ने कहा, ‘हम वन सिटी, वन कार्ड के कॉन्सेप्ट पर काम कर रहे हैं. नागपुर और कोच्चि मेट्रो में भी इस तरह की व्यवस्था लागू है.

जानते हैं इस लाइन की 6 बड़ी खासियत

1.एक्वा लाइन प्रोजेक्ट की लागत 5503 करोड़ रुपए रही है. इसका लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार ने वहन किया है. वहीं 30 प्रतिशत लोन एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से लिया गया. उत्तर प्रदेश ने 339 करोड़ का योगदान दिया है. जिसका इस्तेमाल इस कॉरिडोर के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण पर खर्च हुआ है. इस कॉरिडोर के साथ ही बसों,टैक्सी और ई-रिक्श की पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है.

2.इस मेट्रो कॉरिडोर के साथ ही वन सिटी, वन कार्ड के कॉन्सेप्ट पर काम किया गया है. इसका इस्तेमाल मेट्रो, पार्किंग एरिया, बस और नोएडा-ग्रेटर नोएडा यूटिलिटी के लिए भी किया जा सकता है. एसबीआई ने इस कार्ड की घोषणा की है. उत्तर प्रदेश रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन इस बात की जानकारी जुटा रहा है कि इस कॉरिडोर के साथ कितनी बसों की जरूरत होगी. यह रिपोर्ट इस महीने के अंत तक तैयार हो जाएगी. अगर बसों में सफर करने वालों की संख्या कम रहती है तो ट्रांसपोर्ट के अन्य साधनों के इस्तेमाल पर विचार किया जाएगा.

3.सेक्टर-146 और सेक्टर 149 सेक्टर के स्टेशनों को भविष्य को ध्यान में रखकर बनाया गया है. एक ही जगह से सभी स्टेशन को ऑपरेट किया जाएगा. अगर मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या कम रहती है तो ऐसे में ट्रेनों को तेज गति से चालाया जाएगा. यानी कुछ स्टेशनों पर ट्रेन के स्टॉपेज नहीं होंगे. हालांकि शुरुआत में पूरे कॉरिडोर को एक साथ खोला जाएगा और सभी स्टेशन पर मेट्रो रुकेगी.

4.मेट्रो की कमाई बढ़ाने के लिए इस कॉरिडोर के सभी 21 स्टेशनों के नाम की निलामी होगी. 10 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किया जाएगा. मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए टेंडर जारी किया जा चुका है और शानदार रिस्पॉन्स मिला है.इस महीने के अंत तक इनके नाम की घोषणा होगी.

5.ब्लू लाइन से लगभग 200 मीटर की दूरी पर ही स्थित एक्वा लाइन के सेक्टर 71 मेट्रो स्टेशन और ब्लू लाइन के सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन के बीच इंटरचेंज की कोई व्यवस्था नहीं है. नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के सूत्रों का कहना है कि ब्लू लाइन के साथ इंटरचेंज की व्यवस्था सही नहीं रहती. ऐसे में दिल्ली से ग्रेटर नोएडा जाने वाले लोगों को मेट्रो बदलने के लिए पैदल चलना होगा. हालांकि भविष्य में स्काई वॉक बनाने पर विचार किया जा सकता है.

6.इस कॉरिडोर पर सौर ऊर्जा से 10 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा. इससे स्टेशनों का ऑपरेशन कॉस्ट बचेगा.