Independence Day Special: न तन पर कपड़ा न खाने को रोटी... आजादी के 78 साल बाद भी भूख से जूझ रहे हैं मासूम

भारत की राजधानी दिल्ली में जहां एकतरफ विकास तेजी से हो रहा है तो दूसरी तरफ इस चमक-दमक भरे शहर के बीच बसी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले मासूम बच्चों को आज भी दो टाइम की रोटी के लिए तरसना पड़ रहा है.

Published By: Shivani sharma| Updated By: August 15, 2025 10:34 AM IST
भारत आज जहां आजादी का 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है वहीं आज भी देश की बस्तियों में रहने वाले लाखों लोग भूख और गरीबी से जूझ रहे हैं. बच्चे रोटी के लिए तरस रहे हैं, परिवार एक समय के खाने को मोहताज हैं. उनकी आंखों में भूख और दर्द की गहराई देखकर आपका दिल पसीज जाएगा. गंदे नालों के किनारे, टूटी-फूटी झोपड़ियों में रहने वाले ये बच्चे हर दिन भोजन की तलाश में भटकते हैं. कई बार कूड़े के ढेर से बचा हुआ खाना उनकी भूख मिटाने का एकमात्र सहारा बनता है. माता-पिता, जो ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर हैं, दिनभर की मेहनत के बाद भी अपने बच्चों के लिए पर्याप्त भोजन नहीं जुटा पाते.

लेटेस्ट वीडियो

और देखें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.