फिल्मी परदे के मशहूर कलाकार अमोल पाराशर से ने हमारी टीम से एक खास बातचीत में बताया कि इस वक्त जब टीवी सीरियल और फिल्म की शूटिंग बंद है तो वे अपना वक्त कैसे बिता रहे हैं. अमोल ने बताया कि अब प्रोडेक्टिव का मतलब ही बदल गया है. घर का खाना बना लेना. बर्तन धो लेना भी प्रोडक्टिविटी में शामिल हो गया है. पहले हमें लगता था कि बाहर नहीं गए, कुछ प्रोफेशनल काम नहीं किया तो एक्टिव नहीं रहेंगे लेकिन अब घर में रहकर…घर का काम करके भी प्रोडक्टिविटी फील होती है. फिल्म इंडस्ट्री में गॉड फादर के बारे में बात करते हुए अमोल ने बताया कि न्यू कमर्स को दिक्कत तो होती है. बहुत दिक्कत होती है. हालांकि जो भी इस फिल्ड में आता है उसे पहले से ही पता होता है ये सब होगा. हां, जो यहां के रहने वाले हैं. जिनके दोस्त, रिश्तेदार इसी काम में हैं उन्हें प्राथमिकता तो मिलती ही है. मुझे 2…3 साल तो लोगों को पहचानने में ही लग गए कि किसी को फोन कर सकूं. ये प्रोफेशन ही ऐसा है कि इसमें फ्रस्ट्रेशन होगा ही. बस इसी में संभलने की जरूरत है. Also Read - बिहार चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं देवेंद्र फडणवीस, क्‍या सुशांत सिंह राजपूत फैक्‍टर काम करेगा

अगर अमोल के करियर की बात करें तो साल 2009 में अमोल ने अपनी पहली फिल्म की थी. इस फिल्म का नाम रॉकेट सिंह: सेल्स मैन ऑफ द ईयर था. इस फिल्म में मुख्य किरदार में रणबीर कपूर थे. यही नहीं यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आई थी. इसके बाद इन्होंने फिल्म बबलू हैप्पी है, मिली, ट्रैफिक, टीवीएफ ट्रिपलिंग, टीवीएफ बिस्ट प्लीज, गबरू, होम जैसी कई फिल्मों और वेबसीरीज में काम कर चुके हैं. Also Read - सोनू सूद की मदद से बिस्तर पर पड़ी लड़की दोबारा चलने लगी, बोलीं- आप भगवान हैं!

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