Assembly Election 2022 Robot Campaigners in India : चुनाव बड़े पैमाने पर सभाओं की मांग करते हैं. महामारी के कारण नेता अपने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से भी नहीं मिल पा रहे हैं. कोरोनोवायरस महामारी के बीच बिहार, पश्चिम बंगाल और चार अन्य विधानसभाओं में मिली सीख से, कोविड नॉर्म्स जैसे सोशल डिस्टेंसिंग, ठीक से मास्क पहनना, बार-बार सैनिटाइजेशन आदि उत्साहित भीड़ की वजह से फॉलो नहीं किये जाते.Also Read - Bride Groom Video: पहले तो दुल्हन के साथ डांस करने में शरमा रहा था दूल्हा, फिर ऐसा खुला कि घरवाले ही हिल गए- देखें वीडियो

उत्तर प्रदेश, गुजरात, गोवा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, उत्तराखंड आदि सहित अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए रोबोट प्रचार करते नजर आ सकते हैं. वनस्टैंड इंडिया प्रा.लिमिटेड ने भारत में विकसित किया है, दूत(एक ह्यूमनॉइड रोबोट) जो उत्कृष्ट आवाज पहचान, चेहरे की पहचान और इशारों के साथ एक इंसान की छाप को संप्रेषित और वितरित कर सकता है. Also Read - Viral Video Today: इस लड़के को रोज सपने में भूत उठाकर ले जाते हैं, और भी बड़े-बड़े दुख हैं इसके- देखें वीडियो

उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने वाले ये रोबोट समय की बचत भी करेंगे क्योंकि एक ही समय में कई ह्यूमनॉइड कई स्थानों पर जा सकते हैं. ह्यूमनॉइड रोबोट में 10 जोड़ होते हैं, जो इसे लोगों पर हाथ मिलाने या लहराने में सक्षम बनाती हैं, यह इंसान की तरह अपनी गर्दन को भी हिलाने में सक्षम हैं, यह 90 डिग्री के साथ आगे और पीछे झुकने में भी सक्षम हैं।  इस क्षमता के साथ यह भारत में एकमात्र आदमकद ह्यूमनॉइड रोबोट है. Also Read - Viral Video Today: कुर्सी में बुरी तरह से अटक गया बच्चे का सिर, निकालने आए लोग भी अंदर तक हिल गए- देखें वीडियो

एचडी कैमरे रोबोट के सिर में स्थित होते हैं, जो ऑपरेटर को दर्शकों को देखने और सभाओं के मामले में उपस्थित लोगों को रिकॉर्ड करने में सक्षम बनाता है. ह्यूमनॉइड्स को मुंबई स्थित इनोवेटर संतोष हौलावाले द्वारा विकसित किया गया है, जिन्होंने वनस्टैंड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ भागीदारी की है.

चुनाव प्रचार के लिए, स्टार प्रमोटरों को अधिक रैलियां और सभाएं आयोजित करने की आवश्यकता है जो वर्तमान परिदृश्य में न तो संभव है और न ही उचित है. हमारे रोबोट ऐसे नेताओं के ‘दूत’ होंगे और उनका संदेश फैलाएंगे.

ह्यूमनॉइड पर लगे डिजिटल टैबलेट के माध्यम से उम्मीदवार देश में कहीं से भी लाइव आ सकते हैं और अपनी बात रख सकते हैं और मतदाताओं के सवालों का जवाब दे सकते हैं. महामारी की दूसरी और घातक लहर अब घटने के साथ, सभी की निगाहें चुनाव की तैयारियों पर हैं. पांचों राज्यों में कुल मिलाकर 17.84 करोड़ मतदाताओं के होने की आशंका है.

पिछले साल हुए बिहार चुनावों से पहले, चुनाव आयोग ने “कोविड-मुक्त” चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए थे. हालाँकि, यह पाया गया कि चुनाव प्रचार के दौरान कोविड सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया जा रहा था, ” हुमानोइड्स इन स्थितियों का जवाब हो सकता है.