Video: जानिए भारत में कब-कब बने महिलाओं की शादी की उम्र से जुड़े क़ानून

2007 से लागू बाल विवाह निषेध अधिनियम के बाद भी भारत में बड़ी संख्या में छोटी उम्र में लड़कियों का विवाह कर दिया जाता है. विशेषज्ञ, कम उम्र में लड़कियों की शादी के पीछे सामाजिक और आर्थिक स्थिति को जिम्मेदार मानते हैं. भारत में बाल विवाह पर सबसे पहले ब्रिटिश शासन में 1929 में कानून बना था. लड़कियों की उम्र 14 वर्ष और लड़कों की उम्र 18 वर्ष निर्धारित की गई थी.

Published: December 16, 2021 9:58 PM IST

By Devendra Tripathi | Edited by Video Desk


Central Cabinet has cleared a proposal to increase the legal minimum age of marriage for women from 18 to 21 years. The government will introduce an amendment to the Prohibition of Child Marriage Act, 2006 (PCMC), and other related laws. लड़का और लड़की की विवाह की न्यूनतम उम्र अब होगी 21 वर्ष. केंद्रीय कैबिनेट ने विधेयक को मंजूरी दे दी है. यह कानून लागू हुआ तो सभी धर्मों और वर्गों में लड़कियों के विवाह की न्यूनतम उम्र बदल जाएगी. महिलाओं की शादी करने की वैध उम्र 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करने के प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. सूत्रों के मुताबिक बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इसपर फैसला हुआ है. इसके लिए सरकार मौजूदा क़ानूनों में संशोधन लाएगी.

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Published Date: December 16, 2021 9:58 PM IST