देशहित: रूस-यूक्रेन संघर्ष को डेढ़ महीने से ज्यादा हो गए हैं. यूक्रेन में तबाही के दृश्य भयावह लगते हैं. लेकिन न रूस पीछे हट रहा है और न ही यूक्रेन के रुख में नरमी आ रही है. एक तरफ जहां रूस अलग-थलग पड़ता जा रहा है वहीं दूसरी ओर यूक्रेन लगातार अपने समर्थकों की संख्या को बढ़ाने में लगा हुआ है. हालांकि रणनीतिकार इसे यूक्रेन की असफलता मान रहे हैं. इस बीच जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन यूक्रेन पहुंचे तो रूस को झटका लगा. लेकिन व्लादिमीर पुतिन भी जिद्दी हैं अब वह ब्रिटेन को धमकाने में लगे हैं | Watch Video