दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगाकार बढ़ने के कारण लोगों में सांस संबंधी बीमारियों का खतरा भी काफी बढ़ गया है। ऐसे में इन बीमारियों से खुद को कैसे बचाया जाए इसके बारे में डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल के वरिष्ठ पल्मोनरी फिजिशियन डॉ. देश दीपक कुछ सुझाव दिए हैं जो कि इस प्रकार हैं। डॉ. देश दीपक ने बताया कि मसौन बदलने पर ऐसे लोग जिन्हें सांस की दिक्कत हैं उन्हें काफी समस्या होती है। सर्दियां आने पर एक दूसरे किस्म का सांस का रोग होता है जिसे COPD कहा जाता है। दरअसल, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस यानी सीओपीडी एक बड़ी बीमारी है. इसका एक कम्पोनेंट है ब्रोंकाइटिस. यह आमतौर पर स्मोकिंग के कारण होती है. लेकिन इन दिनों दिल्ली-एनसीआर में फैले स्मॉग ने स्मोकिंग नहीं करने वालों को भी इसकी चपेट में ला रहा है. यदि आप लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाते हैं या धुएं के बीच रहते हैं तो इस बीमारी के होने का खतरा काफी बढ़ जाता है. इन दिनों दिल्ली-एनसीआर में ऐसी ही स्थिति है. ऐसे में यहां के लोगों में इस बीमारी के होने का खतरा काफी ज्यादा है. सर्दियों में एक और दिक्कत आती है. ऐसे बुजुर्ग, जो सांस की बीमारी से ग्रसित हैं उनकी तकलीफें बढ़ जाती हैं. ऐसे में उनको सुबह-सुबह घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है. उन्हें सूरज निकलने के बाद ही घर से बाहर निकलना चाहिए. Also Read - Farm Laws issue: दिल्‍ली में किसान नेताओं और केंद्र सरकार के मंत्र‍ियों के बीच 11वें दौर की मीटिंग जारी

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