अगर आप डिप्रेशन, फोबिया, ओसीडी और किसी अन्य मानसिक बीमारी से ग्रसित हैं और आपका इलाज चल रहा है तो यह समझना जरूरी है कि आपको अपने डॉक्टर की लगातार सलाह लेनी है. उन्होंने आपको जो भी सलाह दी हैं. दवाईयां समय से लेनी है. अगर काउंसलिंग है तो उसे समय से लेना है. जब आपका समय आ रहा है तो टेलीकाउंसल करें, जिससे की आप अपने इलाज में किसी तरह का गैप न आने दें और यह बहुत ही जरूरी है. इस समय तनाव बढ़ रहा है, परेशानी बढ़ रही हो तो परिवार में बात करें, दोस्तों से बात करें और अपने डॉक्टर के यहां जाएं. यह समझें की थोड़ा उतार चढ़ाव आना स्वाभाविक है. लेकिन अगर परेशान हो रहे हों और हैंडल न कर पा रहे हों तो डॉक्टर के पास जाएं यह बहुत ही जरूरी है.. तो आइए इस इंटरव्यू में जानते हैं फोर्टिस अस्पताल के मेंटल हेल्थ विभाग के विभागाध्यक्ष और निदेशक डॉ. समीर पारिख से….. Also Read - कर्नाटक में कोरोना बच्चों पर ढा रहा कहर, तीसरी लहर का अभी आना बाकी

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