Taal Thok Ke Part 2: पहले माँ काली और उसके बाद भगवान शिव-पार्वती का अपमान! यह कैसी फ़्रीडम ऑफ स्पीच? | Watch Video

Taal Thok Ke part 2: हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान पर विश्व भर में इतना सन्नाटा क्यों है? अगर यह वास्तव में फ़्रीडम ऑफ स्पीच है तो यह सिर्फ हिन्दू धर्म के लिए ही क्यों? क्या इसके पीछे हिन्दू धर्म का अत्यधिक सहिष्णु होना है? | Watch Video

Published date india.com Published: July 7, 2022 10:27 PM IST


Taal Thok Ke part 2: फिल्म निर्देशक लीना मणिमेकलाई पहले फिल्म ‘काली’ में माँ काली की अपमानजनक तस्वीर प्रस्तुत करती हैं और उसके बाद जब विरोध होता है तो वह इसे न सिर्फ अपनी अभिव्यक्ति की आज़ादी बताती हैं बल्कि भगवान शिव और माता पार्वती का भी आपत्तिजनक चित्र प्रकाशित कर देती हैं. अब सवाल यह उठता है कि हिंदू देवी और देवताओं के अपमान पर विश्व चुप क्यों है? जब देश और दुनिया भर में कई लोग जान बूझकर हिन्दू धार्मिक स्वरूपों पर अभद्र टिप्पणियाँ करते हैं, कार्टून बनाते हैं या चित्र प्रकाशित करते हैं और फिल्में बनाते हैं तो उनकी सामूहिक आलोचना क्यों नहीं की जाती है? आज के ‘ताल ठोक के’ में इसी पर मंथन | Watch Video

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Video Gallery की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.