Taal Thok Ke: सुप्रीम कोर्ट में आज हुई लाइव स्ट्रीमिंग में बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की बातों को कोट किया गया. जिसमें जजों की तरफ से कहा गया कि संविधान में आरक्षण केवल 10 सालों तक के लिए था. EWS आरक्षण पर शीर्ष अदालत के 5 वरिष्ठ जजों की बेंच में से 3 जजों ने आरक्षण के समर्थन में फैसला दिया है. जबकि CJI यू.यू. ललित समेत एक अन्य जज ने इसकी मुखालिफत की है. दरअसल आज सर्वोच्चय न्यायालय ने 103वें संविधान संशोधन की वैधता पर मुहर लगाते हुए नौकरियों में 10 प्रतिशत तक आरक्षण ज़ारी रखा है. जिसके बाद विवादों के किंग कहे जाने वालें कांग्रेस नेता उदित राज ने सुप्रीम कोर्ट को ही जातिवाद करार दे दिया है. देखें वीडियो…..