साल का आरव डाउन सिंड्रोम से पीड़ित है. वो और उसके जैसे कई बच्चे एक ऐसी मिसाल कायम कर रहे हैं, जो न केवल विकलांग लोगों के लिए बल्कि ‘सामान्य’ लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है. ‘फीट मी अप’ इन बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की एक पहल है. यहां बच्चों को कैनवास के जूते, दुपट्टे और रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों को पेंट करना सिखाया जाता है. इन उत्पादों को इंस्टाग्राम और ई-कॉमर्स वेबसाइटों से भी खरीदा जा सकता है.