West Bengal Elections : तीन दिन के भीतर यानी 27 मार्च को पश्चिम बंगाल (west bengal election 2021) में पहले चरण के मतदान के लिए ईवीएम की पेटियां खुल चुकी होंगी. लेकिन, सबकी नजर 10 और 17 अप्रैल को होने वाले चौथे और पांचवें चरण के मतदान (west bengal chunav 2021) पर है.Also Read - ईद पर ममता बनर्जी ने साधा BJP पर निशाना, कहा- देश में चल रही है अलगाव की राजनीति

यही वह चरण है, जिनसे बढ़त हासिल करने वाली पार्टी कोलकाता (Kolkata) की प्रसिद्ध रॉयटर्स बिल्डिंग में सत्ता का संचालन अपने हाथ में लेगी. Also Read - Top 25 News: पेट्रोल-डीजल की कीमत पर ममता बनर्जी ने किया बीजेपी पर पलटवार

दरअसल, हम बात कर रहे हैं ‘मतुआ’ समाज की. राज्य में करीब 3 करोड़ की आबादी वाले समुदाय के 1.5 करोड़ से अधिक वोटर्स हैं. मूल रूप से बांग्लादेशी यह समुदाय अनुसूचित जाति की श्रेणी में आता है. Also Read - बंगाल उपचुनाव: भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्र पॉल का आरोप-टीएमसी वालों ने सुरक्षाकर्मियों को बांस-डंडे से पीटा, फेंके पत्थर

आज मतुआ समुदाय राज्य में भाजपा (BJP)और तृणमूल कांग्रेस (mamta banerjee chunav) दोनों के लिए सबसे बड़ा वोट बैंक है. अब यह देखना है कि इस चुनाव (bangal chunav) में यह समुदाय किस करवट बैठता है?