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भारत अभी भी एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है. जिसकी आबादी में कम आय वर्ग के लोग शामिल हैं. इसके विपरीत, यहां पर क्या किया जा रहा है? यहां पर पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाकर आम लोगों पर बोझ को बढ़ाया जा रहा है. साथ ही तेल के महंगे होने से महंगाई बढ़ रही है. महंगाई से खपत पर असर हो रहा है. खपत घटने से उत्पादन कम करना पड़ रहा है. उत्पादन कम किए Petrol – Diesel Price Hike: सरकार को क्यों घटानी चाहिए ईंधन की कीमतें? | Watch Video जानें पर बेरोजगारी बढ़ रही है. Also Read - IIP: औद्योगिक उत्पादन फरवरी के दौरान 3.6 फीसदी घटा

ऐसे समय में जब भारत की जीडीपी (India GDP)  ग्रोथ के लिए तैयार है, तो ईंधन की बढ़ती कीमतें (Fuel price hike) विलेन बनकर ग्रोथ की रफ्तार को घटाने का काम कर रही हैं. Also Read - Fire In Ahmedabad School: धू-धू कर जल उठा अहमदाबाद का ये स्कूल, आग बुझाने में लगी दमकल की 10 गाड़ियां, देखें VIdeo

यदि ईंधन की कीमतें उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो इससे (higher inflation) का दौर शुरू हो सकता है. जिसका देश की आर्थिक रिकवरी की गति पर सीधा प्रभाव पड़ेगा.