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भारत अभी भी एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था है. जिसकी आबादी में कम आय वर्ग के लोग शामिल हैं. इसके विपरीत, यहां पर क्या किया जा रहा है? यहां पर पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाकर आम लोगों पर बोझ को बढ़ाया जा रहा है. साथ ही तेल के महंगे होने से महंगाई बढ़ रही है. महंगाई से खपत पर असर हो रहा है. खपत घटने से उत्पादन कम करना पड़ रहा है. उत्पादन कम किए Petrol – Diesel Price Hike: सरकार को क्यों घटानी चाहिए ईंधन की कीमतें? | Watch Video जानें पर बेरोजगारी बढ़ रही है. Also Read - देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे से पूछा, अब पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमत के लिए कौन जिम्मेदार?

ऐसे समय में जब भारत की जीडीपी (India GDP)  ग्रोथ के लिए तैयार है, तो ईंधन की बढ़ती कीमतें (Fuel price hike) विलेन बनकर ग्रोथ की रफ्तार को घटाने का काम कर रही हैं. Also Read - पेट्रोल-डीजल के बाद CNG का दाम भी होगा कम? ऑटो संगठन SIAM ने कही ये बात

यदि ईंधन की कीमतें उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो इससे (higher inflation) का दौर शुरू हो सकता है. जिसका देश की आर्थिक रिकवरी की गति पर सीधा प्रभाव पड़ेगा.