दशहरे का पावन त्यौहार पूरे भारत में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है हिन्‍दु धर्म के अनुसार माँ दुर्गा और भगवान श्रीराम से जोडकर देखा जाता है। इस त्‍यौहार को मानने का कारण यह है कि माँ दुर्गा ने महिषासूर से लगातार नौ दिनो तक युद्ध करके दशहरे के दिन ही महिषासुर का वध किया था। तो दूसरी तरफ भगवान श्रीराम ने नौ दिनो तक रावण के साथ युद्ध करके दसवें दिन ही रावण का वध किया था, इसलिए इस दिन को भगवान श्रीराम के संदर्भ में भी विजय-दशमी के रूप में मनाते हैं। इस त्यौहार को भारत के हर राज्य में अनोखे तरीके से मनाया जाता है चलिए हम आप को बतातें है किस राज्य में कैसे मनाया जाता है दशहरा। यह भी पढ़ें: जानिए दशहरें का क्या है महत्वAlso Read - UP Covid Guidelines: नवरात्रि-दशहरा और चेहल्लुम के मद्देनजर योगी सरकार ने जारी किए नए दिशानिर्देश, इन नियमों का करना होगा पालन

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भारत के 8 राज्यों में इस तरह से दशहरे का त्यौहार मनाया जाता है Also Read - अजय देवगन की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'मैदान' को लेकर हुआ बड़ा ऐलान, इस महीने होगी सिनेमाघरों में रिलीज

1 – जम्मू कश्मीर: इस राज्य में रहने वाले हिन्दू दशहरे के इस त्यौहार को श्रद्धा से मनाते हैं। इस त्यौहार से पहले परिवार के सभी बड़े बुजुर्ग नवरात्रि का नौ दिनों तक सिर्फ पानी पीकर उपवास करते हैं। इस 9 दिन के उपवास के बाद यहां स्थित माता खीर भवानी के दर्शन करने के लिए जाते हैं और उसके बाद दशहरा का त्यौहार मानते है।

2 – हिमाचल प्रदेश: हिमांचल के कुल्‍लु का दशहरा पूरे दुनिया में प्रसिद्ध है और इसे भले ही दशहरे के दिन मानते हैं। लेकिन इस दिन श्री राम की पूजा न करके ये अपने ग्राम देवता की पूजा करते हैं। दशहरे के इस सभी स्थानीय लोग एक जगह रंग-बिरंगे कपड़ो में सजधज के घर से बाहर निकलतें है और ढोल ताशो के साथ इस त्यौहार को बड़े ही हर्षो उल्ल्हास से मानतें हैं। इस दिन यहां के लोग अपने आराध्य देव रघुवीर का पूजा ह्रदय पूर्वक कर अपने परिवार और ग्राम की कुशलता के लिए मंगल कामना करते हैं।

3 – पंजाब : पंजाब में इस त्यौहार को अपने अंदाज़ में मानते हैं इस दिन से पहले भक्त नवरात्रि के नौ दिन लगाकार उपवास रखकर विजय-दशमी को अन्न ग्रहण करके अपना अपना उपवास खत्म करतें है। यहां दशहरे के दिन माँ दंतेश्वरी की पूजा की जाती है इनका राम ने रावण का वध किया उससे कोई संबंध नही होता है।

4- गुजरात / राजस्थान: राजस्थान और गुजरात दोनों एक दुसरे से सटे हुए राज्य है शायद यही कारण है कि यहां पर दशहरे से जुडी एक ही मान्यता को दोनों जगह सामान माना जाता है यहां नवरात्रि के 9वें दिन के उपवास के बाद 10वें दिन व्रत को खत्म कर लोग अन्न खातें है। गुजरात में दशहरे के दिन सुबह उठ के लोग जलेबी और फाफडा खा के अपने दिन की शुरुवात करतें हैं। तो वहीं राजस्थान में दशहरे के दिन लोग मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करते हैं और नई वस्तु खरीद के घर लातें हैं।

5- छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ के बस्‍तर में दशहरे का त्यौहार एक अनोखे तरीके से मनाया जाता है जहां पर दंतेश्वरी माता, बस्तर प्रान्‍त के निवासियों की आराध्य देवी हैं जो कि मां दुर्गा का ही रूप हैं और यहां यह पर्व पूरे 75 दिन चलने के बाद जोगी-बिठाई होती है इसअश्विन पक्ष ओहाड़ी पर्व से होता है।

6 – पश्चिम बंगाल: बंगाल में यह पर्व दुर्गा पूजा के रूप में ही मनाया जाता है जो कि बंगालियों, ओडिआे तथा आसामियों का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है इसे दशमी के दिन विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसके अन्‍तर्गत स्त्रियां, देवी के माथे पर सिंदूर चढ़ाती हैं व देवी को अश्रुपूरित विदाई देती हैं।और उसके बाद दशहरा का त्यौहार मनाया जाता है।

7- महाराष्ट्र: नवरात्रि के नौ दिन के बाद दसवे दिन सभी बड़े दफ्तर और यंत्र की लोग पूजा करते हैं और बड़ी आस्था के साथ लोग उठ के अपने घर , वाहन की पूजा करतें है और लोगों में मिठाई भी बांटा जाता है।

8 -तमिलनाडु: यहां नवरात्रि सहित दशहरा का ये पर्व पूरे नौ दिनों तक होता है जिसमे विशेष तौर पर तीन देवियां लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा की पूजा-आराधना करते हैं। घर में विशेष पकवान बना कर लोग खातें है और इस दिन लोग अपने नये काम की शुरुवात करते हैं।

इस तरह पुरे भारत में दशहरे के त्यौहार को लोग अपने अनोखें तरीके से भगवान् राम और माँ दुर्गा की पूजा पुरे मन और आस्था के  साथ करतें हैं।