बड़ी मुश्किल से क्रैक हुआ इंटरव्यू, हाथ में ऑफर लेटर... फिर जॉइनिंग से दो दिन पहले कंपनी ने कहा- सॉरी
महिला का दावा है कि एक कंपनी ने लंबी भर्ती प्रक्रिया के बाद उसे ऑफर लेटर दिया, लेकिन जॉइनिंग से महज दो दिन पहले नौकरी का ऑफर वापस ले लिया.
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है. (PHoto/AI)
Ajab Gajab News: सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक लिंक्डइन पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. इस पोस्ट में एक महिला उम्मीदवार ने ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसे पढ़कर कई लोग हैरान रह गए. महिला का दावा है कि एक कंपनी ने लंबी भर्ती प्रक्रिया के बाद उसे ऑफर लेटर दिया, लेकिन जॉइनिंग से महज दो दिन पहले नौकरी का ऑफर वापस ले लिया. महिला ने बताया कि इस नौकरी के लिए उसे पांच राउंड के इंटरव्यू से गुजरना पड़ा. इसके अलावा केस स्टडी, ऑफिस विजिट और कई दौर की बातचीत भी हुई. सब कुछ सही से करने के बाद कंपनी ने उसे ऑफर लेटर जारी कर दिया. इसके बाद उसने नई नौकरी को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी थी.
जॉइनिंग से दो दिन पहले वापस लिया ऑफर
लेकिन जॉइनिंग डेट से 48 घंटे पहले कंपनी की ओर से एक ऐसा मेल आया, जिसने उसके सारे प्लान बदल दिए. कंपनी ने बताया कि जिस कर्मचारी की जगह नई भर्ती की जा रही थी, उसने कंपनी छोड़ने का फैसला बदल दिया है. इसी वजह से अब यह पद खाली नहीं है और कंपनी उसे हायर नहीं कर पाएगी. महिला ने अपनी पोस्ट में भर्ती प्रक्रिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि कई कंपनियां उम्मीदवारों से तुरंत उपलब्ध रहने, कई इंटरव्यू देने और प्रोफेशनल व्यवहार की उम्मीद करती हैं, लेकिन खुद आखिरी समय पर फैसले बदल देती हैं. उन्होंने कहा कि ऑफर लेटर मिलने के बाद लोग दूसरी नौकरियों के मौके छोड़ देते हैं, परिवार को जानकारी देते हैं और नई शुरुआत की तैयारी करते हैं.
यहां देखिए वायरल पोस्ट
क्या बोले नेटिजन्स
पोस्ट में महिला ने यह भी लिखा कि आजकल 'ऑफर डिले हो गया', 'रोल बंद हो गया', 'हायरिंग फ्रीज हो गई' और 'ऑफर रिवोक हो गया' जैसी बातें आम होती जा रही हैं. उनके मुताबिक, उम्मीदवारों को नौकरी देने के बजाय कई बार सिर्फ इंतजार में रखा जाता है. सोशल मीडिया पर यह पोस्ट वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा कि मौजूदा जॉब मार्केट में यह बहुत आम समस्या बनती जा रही है. दूसरे यूजर ने कहा कि इतनी लंबी प्रक्रिया के बाद ऑफर कैंसल होना किसी भी उम्मीदवार के लिए बड़ा झटका हो सकता है. वहीं कुछ लोगों ने कानूनी पहलू की भी चर्चा की. उनका कहना था कि अगर ऑफर लेटर पर दोनों पक्षों की सहमति हो चुकी है, तो ऐसी स्थिति में उम्मीदवार अपने अधिकारों को लेकर कानूनी सलाह भी ले सकते हैं. फिलहाल यह पोस्ट इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है और कॉर्पोरेट हायरिंग सिस्टम को लेकर नए सवाल खड़े कर रही है.
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