Rajasthan News: राजस्थान के भरतपुर में कोरोना वायरस का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक महिला की पिछले पांच महीने से कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है. वहीं अभी तक महिला का 31 बार कोरोना जांच की जा चुकी है और उसकी जांच रिपोर्ट हर बार पॉजिटिवि पाई गई है. इसके बाद अब महिला को जयपुर में भर्ती करवाया जाएगा. ये एक अनोखा मामला है और डॉक्टर भी जांच रिपोर्ट देखकर हैरान हैं.Also Read - पश्चिम बंगाल में कोरोना प्रतिबंधों में छूट, फिल्मों की शूटिंग, जिम खोलने की अनुमति, ये होंगी शर्तें

राजस्थान के भरतपुर में अपना घर आश्रम में भर्ती हुई महिला की 4 सितंबर 2020 को पहली बार कोरोना जांच कराई गई थी, तब महिला की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. महिला का नाम शारदा है. सितंबर के बाद से महिला की 31 बार कोरोना की जांच कराई जा चुकी है और हैरान करने वाली बात है कि हर बार उसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है. महिला को तब से ही लगातार क्वारंटीन में रखा जा रहा है. Also Read - Burans Phool ke Fayde: बुरांश का फूल Corona रोकने में सक्षम, IIT के शोधकर्ताओं का बड़ा दावा

भरतपुर के अपना घर आश्रम में हजारों लोग रहते हैं, शारदा को वहां भर्ती करने के बाद लोगों के बीच भी कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है. इसलिए शारदा देवी के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है, जहां उन्हें भर्ती किया गया है. अपना घर आश्रम के डायरेक्टर डॉ. बीएम भारद्वाज के मुताबिक शारदा देवी के माता-पिता का निधन हो चुका है और ससुराल वालों ने भी उसे घर से निकाल दिया था. वह अकेली रहती थी और कोरोना पॉजिटिव पाई गई है. Also Read - Delhi Weekend Curfew: नियम तोड़ते हुए पकड़े गए लोग, 1320 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

अपना घर आश्रम के डायरेक्टर ने बताया कि कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद महिला को अपना घर आश्रम में रखा गया है, उसकी कोरोना जांच करवाई जा रही है. उन्होंने बताया कि 4 सितंबर के बाद से लगातार महिला की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है, जो कि सभी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. लगातार पांच महीनों से कोरोना पॉजिटिव होने के बाद डॉक्टर भी आश्चर्यचकित है और अब महिला को जयपुर भेजने की तैयारी की जा रही है.

महिला के बेहतर इलाज के लिए उसे भरतपुर से जयपुर भेजा जा रहा है. महिला की कोरोना रिपोर्ट बार-बार पॉजिटिव आने पर मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया है कि कई बार मृत वायरस शरीर में रह जाता है, जो कोई नुकसान तो नहीं करता लेकिन उसके बाद जांच रिपोर्ट पॉजिटिव ही आती है.