Amazing: कोरोनावायरस के कारण साल 2020 में पूरे देश में स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थान बंद रहे हैं. ऐसे में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है. पर समस्या गांव के बच्चों के साथ है, जहां बच्चों के माता-पिता के पास संसाधन ही नही हैं. ऐसे में खंडवा, मध्य प्रदेश के गांवों ने वो कर दिखाया है जो बड़े-बड़े शहरों में नहीं हुआ. Also Read - खुदाई में मिला इतना बड़ा खजाना...मालामाल हो गए 6 भाई, ऐसे लग गई खुशियों को बुरी नजर, जानिए

देश के अन्य हिस्सों की ही तरह मध्य प्रदेश के माध्यमिक स्कूल अगले सत्र में ही खुलेंगे. ऐसे में जिन कक्षाओं की स्कूलों में पढ़ाई नहीं हो रही है, उन बच्चों को पढ़ाने के लिए तरह-तरह के जतन किए जा रहे हैं. Also Read - Amazing: डॉगी ने दिया 5 बच्चों को जन्म, जमकर हुआ नाच-गाना, 12 गांव के 2000 लोगों ने खाई दावत

खंडवा जिले के कई गांवों में प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को गीत-संगीत के जरिए पढ़ाई कराई जा रही है. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं, इसके तहत मुहल्ला कक्षाएं चलाई जा रही हैं, ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है. Also Read - Amazing: इस महिला ने पेश की मिसाल, दूध बेचकर सालाना 1 करोड़ कमाती है...

चूंकि बड़ा वर्ग ऐसा है जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल ही नहीं है, जहां मोबाइल है तो वहां नेटवर्क की समस्या है. यही हाल राज्य के अन्य हिस्सों की तरह खंडवा के आदिवासी बाहुल्य इलाकों का भी है.

आदिवासी वर्ग सहित अन्य वर्ग के बच्चों की पढ़ाई हो सके, इसके लिए खालवा विकास खंड के गांव मातपुर, धबूची, खेड़ी, चट्टा-गट्टा, रोशनी आदि में ओटला (बरामदा) कक्षाएं चल रही हैं.

इन कक्षाओं में मदद करने वाली निक्की सोसायटी की निकिता बताती हैं, “सरकारी शिक्षक गांव तक पहुंचकर बच्चों को पढ़ाते हैं, मगर कई बच्चे ऐसे हैं जिनके पास मोबाइल आदि नहीं है. इसके अलावा नेटवर्क न होने की भी समस्या आती है. उन्हें गीत-सगीत के जरिए पढ़ाया जा रहा है, ताकि उनका पढ़ाई में मन लगा रहे.”

इस विधा से जहां बच्चे पढ़ रहे हैं, वहीं उनका मनोरंजन भी हो जाता है. वाकई यह पहल सराहनीय है.
(एजेंसी से इनपुट)