नई दिल्ली. शौक बड़ी चीज है. अपने शौक को पूरा करने के लिए लोग किसी भी हद से गुजर जाते हैं. कुछ ऐसा ही शौक अमेरिका के एक शिकारी का है, जिसने पाकिस्तान में शिकार करने पहुंचा. यह उसके शौक की इंतहा ही कही जाएगी कि पाकिस्तान में उसने वहां के राष्ट्रीय पशु और संरक्षित जीव, मरखोर (Markhor) के शिकार के लिए प्रशासन को भारी-भरकम फीस दी. जी हां, अमेरिका के इस शिकारी ने मरखोर के शिकार के लिए गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके के प्रशासन को एक लाख डॉलर से ज्यादा की रकम का भुगतान किया. मरखोर, पाकिस्तान में पाए जाने वाले जानवरों की प्रजाति का लुप्तप्राय जीव है, जिसे जंगली बकरी भी कहा जाता है. अपने लंबे बालों और घुमावदार सींग के लिए मशहूर इस जानवर के शिकार पर पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है. लेकिन विशेष परिस्थितियों में खास जीव-जंतुओं के शिकार की इजाजत दी जाती है.Also Read - Punjab ke CM: बंटवारे के समय पाकिस्तान में रुके और फिर भारत आकर पंजाब के मुख्यमंत्री बने भीम सेन सच्चर

Also Read - T20 World Cup 2022 Full schedule: फिर होगी भारत-पाकिस्तान के बीच 'हाई वोल्टेज भिड़ंत', यहां जानिए पूरा शेड्यूल

पाकिस्तान में दिसंबर के आखिरी दिनों में वन्यजीवों का शिकार करने को लेकर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है. इस प्रतियोगिता में देश-विदेश के प्रतिभागी शिरकत करते हैं. अमेरिकी शिकारी इसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पाकिस्तान पहुंचा था. इंडियन एक्सप्रेस में पाकिस्तानी अखबार द डॉन के हवाले से छपी खबर के अनुसार, अमेरिका के शिकारी ब्रायन किंसेल हर्लन ने गिलगित-बाल्टिस्तान के वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट से मरखोर का शिकार करने की इजाजत मांगी थी. विभाग ने उन्हें इसकी अनुमति तो दी, लेकिन इसके लिए भारी-भरकम राशि का शुल्क अदा करने की भी शर्त थी. इस शुल्क को हर्लन ने चुकाया. अखबार की खबर के मुताबिक वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा कि यह शिकार करने के लिए चुकाई गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है. Also Read - Pakistan Blast: लाहौर के अनारकली बाजार में धमाका, 3 की मौत 20 से ज्यादा घायल

यह भी पढ़ें – सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के फैन ने किया खुलासा- ‘हम दोनों ने आपकी वजह से शादी की मोदीजी’

हर्लन ने वन विभाग को कुल एक लाख 10 हजार अमेरिकी डॉलर दिए. यदि इस रकम को पाकिस्तानी रुपए के हिसाब से देखें तो करीब एक करोड़ 40 लाख रुपए होते हैं. वहीं, भारतीय मुद्रा में यह रकम 70 लाख रुपए से ज्यादा है. अमेरिकी शिकारी हर्लन ने अखबार को बताया कि लुप्तप्राय वन्यजीव मरखोर का शिकार करना बिल्कुल अलग तरह का अनुभव था. हालांकि बेहद नजदीक जाकर किए गए इस शिकार के बाद मुझे जो ट्रॉफी मिली, उसे जीतना ज्यादा महत्वपूर्ण है. हर्लन ने जिस मरखोर का शिकार किया वह करीब 41 इंच ऊंचा था.

पाकिस्तान के वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस साल हंटिंग ट्रॉफी के दौरान कुल 50 वन्यजीवों का शिकार किया गया. शिकार के लिए शुल्क के रूप में जो रकम जमा की जाती है, उसका 80 प्रतिशत भाग स्थानीय समुदायों को दिया जाता है, जबकि बाकी 20 फीसदी राशि सरकार के खाते में जाती है. स्थानीय समुदाय के लोग इस प्रतियोगिता के जरिए जुटाई गई राशि से सालोंभर इस दुर्लभ जंगली बकरी के संरक्षण का कार्यक्रम चलाते हैं. हालांकि इसके बावजूद मरखोर की संख्या इस इलाके में तेजी से घटती जा रही है.

रोचक और जानकारीपरक खबरों के लिए पढ़ते रहें India.com