
Azhar Naim
मैं अज़हर नईम हूं और फिलहाल India.com में ट्रेनी के तौर पर काम कर रहा हूं. यहां मैं ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों ... और पढ़ें
आपने अक्सर सुना होगा कि जमीन के नीचे इतिहास छिपा होता है, लेकिन झारखंड के हजारीबाग में यह बात सच होते हुए सबने अपनी आंखों से देखी है. रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम आवास योजना के तहत बन रहे एक साधारण मकान की खुदाई के दौरान अचानक ऐसी प्राचीन मूर्ति सामने आई, जिसने गांव से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी. मिट्टी के नीचे दबी यह प्रतिमा न सिर्फ देखने में भव्य है, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व भी बेहद खास बताया जा रहा है. स्थानीय लोग इस अप्रत्याशित खोज को किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं और हर कोई जानना चाहता है कि आखिर यह मूर्ति कहां से आई और कितनी पुरानी है.
दरअसल, यह मामला झारखंड हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड के गोदखर गांव स्थित अंबेडकर नगर का है. यहां धनवा देवी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान मिला था. निर्माण से पहले जेसीबी मशीन से जमीन की खुदाई कराई जा रही थी, तभी मिट्टी के नीचे दबी एक विशाल पत्थर की मूर्ति बाहर निकल आई. जैसे ही यह खबर गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और लोगों ने तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दी. मूर्ति की बनावट और कलात्मक शैली देखकर साफ था कि यह कोई साधारण पत्थर नहीं, बल्कि किसी प्राचीन सभ्यता की धरोहर है.
मूर्ति कीज जानकारी प्रसिद्ध पुरातत्वविद डॉ. नीरज मिश्रा तक पहुंचाई गई. मूर्ती देखने के बाद डॉ. मिश्रा ने इसे भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त प्रतिमा ‘उमा-महेश्वर‘ बताया. उनके अनुसार यह मूर्ति पाल वंश के दौर की है, जो लगभग नौवीं या दसवीं शताब्दी की मानी जा रही है. मूर्ति की शिल्पकला उस समय की उन्नत कला परंपरा को दर्शाती है, जो इस क्षेत्र के समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास की ओर इशारा करती है.
मूर्ति मिलने के बाद जिस परिवार की जमीन से यह निकली, उन्होंने इसे फिलहाल अपने घर में सुरक्षित रखा है और पूजा-पाठ भी शुरू कर दी है. दूर-दूर से लोग इस दुर्लभ खोज को देखने पहुंच रहे हैं. ग्रामीणों की मांग है कि गांव में एक मंदिर बनाकर मूर्ति की विधिवत स्थापना की जाए. वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और पुरातत्व विभाग को इस खोज का वैज्ञानिक अध्ययन करना चाहिए. पहले भी हजारीबाग के आसपास बुद्ध की मूर्तियां और अन्य प्राचीन अवशेष मिल चुके हैं, जिससे यह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Viral की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.