Best Urdu/Hindi Shayari on Maa: उर्दू शायरी का एक ऐसा मकबूल और मशहूर नाम जिसके अशआर बन गए आवाम की आवाज़. रायबरेली, उत्तर प्रदेश में जन्में इस शायर ने शायरी के मयार को ही बदल दिया. जब शायरी महबूब की बाहों में आराम फरमा रही थी तब इस शायर ने उसे वहां से खींच कर मां के दामन में लाकर रख दिया. उर्दू साहित्य के इस अज़ीम शायर को ये दुनिया मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) के नाम से जानती है. मुनव्वर राणा ने अपनी ज़िंदगी में नज़्म, ग़ज़ल के साथ साथ संस्मरण भी लिखे हैं. मां की मोहब्बत में ढेरों शेर कहने वाले इस शायर ने बड़ी आसान ज़बान में मुल्क की मोहब्बत को भी आइना दिखाया. देश में पिछले कुछ महीनों  से नागरिकता विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. इसी सिलसिले में लखनऊ की सरज़मीं से भी प्रदर्शन की आवाज़ आई है और उत्तर प्रदेश पुलिस ने इन प्रदर्शनों में शामिल मुनव्वर राना (Munawwar Rana) की दो बेटियों सुमैया राना (Sumaiyya Rana) और फौजिया राना (Faujia Rana) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. यूपी पुलिस ने इन दोनों के साथ 16 अन्य महिलाओं के खिलाफ मुकदमा किया है. Also Read - योगी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने सुमैया राना के समाजवादी पार्टी में शामिल होंने पर उठाए सवाल

पूरी दुनिया वाकिफ़ है की जब कभी मां के लिए किसी शेर की ज़रुरत पड़ती है तब महज मुनव्वर राणा के शेर याद आते हैं. पेश हैं मुनव्वर राणा की कुछ मशहूर शायरी जो मां के लिए है. Also Read - शायर मुन्नवर राणा ने फिर की टिप्पणी, बोले- 2022 तक हिंदू राष्ट्र घोषित हो जाएगा देश

Munawwar Rana Shayari on Maa (Hindi Shayari on Maa):  Also Read - विवादित बयान पर बोले मुन्नवर राणा- मुझे फांसी दो या शूट करो, माफी नहीं मागूंगा

1. मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू
मुद्दतों माँ ने नहीं धोया दुपट्टा अपना

2. लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होती
बस एक माँ है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती

3. जब तक रहा हूँ धूप में चादर बना रहा
मैं अपनी माँ का आखिरी ज़ेवर बना रहा

4. किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकाँ आई
मैं घर में सब से छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई

5. ऐ अँधेरे! देख ले मुँह तेरा काला हो गया
माँ ने आँखें खोल दीं घर में उजाला हो गया

6. इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है
माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है

7. मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँ
माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ

8. ख़ुद को इस भीड़ में तन्हा नहीं होने देंगे
माँ तुझे हम अभी बूढ़ा नहीं होने देंगे

9. अभी ज़िन्दा है माँ मेरी मुझे कु्छ भी नहीं होगा
मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है

10. दुआएँ माँ की पहुँचाने को मीलों मील जाती हैं
कि जब परदेस जाने के लिए बेटा निकलता है