'रानी' है सबकी चहेती, जन्मदिन पर कटा 50 किलो का केक, विश करने पहुंचे विधानसभा स्पीकर

महेंद्र प्रधान की पहचान न केवल पशुप्रेमी के रूप में है, बल्कि उन्हें तरह-तरह के जानवरों को पालने का शौक भी है.

Updated: October 16, 2018 4:19 PM IST

By Indo-Asian News Service | Edited by Ramendra Nath Jha

'रानी' है सबकी चहेती, जन्मदिन पर कटा 50 किलो का केक, विश करने पहुंचे विधानसभा स्पीकर

समस्तीपुर. अब तक आपने इंसान और बच्चों को जन्मदिन मनाते और उस मौके पर केक काटते देखा और सुना होगा. लेकिन बिहार के समस्तीपुर में ऐसे भी पशुप्रेमी हैं, जिन्होंने न केवल अपनी हथिनी का धूमधाम से जन्मदिन मनाया, बल्कि हथिनी ने भी अपने जन्मदिन पर तलवार से 50 किलोग्राम का केक काट खुशियां मनाई. इस मौके पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) सहित कई पशुप्रेमी मौजूद थे. समस्तीपुर के मथुरापुर निवासी महेंद्र प्रधान की पहचान इस क्षेत्र में न केवल पशुप्रेमी के रूप में है, बल्कि उन्हें तरह-तरह के जानवरों को पालने का शौक भी है. इसी शौक के कारण उनकी पशुशाला में हाथी, घोड़े, ऊंट, गाय, बैल सहित कई जानवर और पक्षी मौजूद हैं.

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प्रधान ने रविवार शाम अपनी आठ वर्षीय हथिनी रानी का आठवां जन्मदिन धूमधाम और भव्य तरीके से साथ मनाया. रानी ने भी अपने जन्मदिन पर अपनी सूढ़ में तलवार पकड़कर 50 किलोग्राम का केक काटा. इस मौके पर गाजे-बाजे, ऊंट और घोड़े बुलाए गए थे. प्रधान द्वारा किसी हथिनी के जन्मदिन पर इस तरह के समारोह के आयोजन की हर ओर चर्चा है, तथा इस अनोखे समारोह में शामिल लोगों ने प्रधान के इस पशु प्रेम की सराहना की है.

इस अनोखे पशु प्रेम को देखने के लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के साथ सैकड़ों स्कूली बच्चे और स्थानीय लोग मौजूद थे. इस समारोह में भाग लेने वाले भी रानी के लिए जन्मदिन के उपहार लेकर पहुंचे थे. हथिनी के जन्मदिन समारोह में पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी ने कहा कि आज के व्यस्त जीवन में लोग अपने परिजनों तक का जन्मदिन मनाना भूल जाते हैं, लेकिन प्रधान जी ने अपनी हथिनी का जन्मदिन मनाकर यह साबित कर दिया कि वह पशुओं से कितना प्रेम करते हैं. इस मौके पर बड़ी संख्या में आसपास के स्कूली बच्चों को भी समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था. प्रशिक्षित हथिनी रानी के केक काटने के बाद बच्चों ने भी उसके साथ जमकर मस्ती की. इस अवसर पर भोज का भी आयोजन किया गया.

प्रधान ने बताया कि वर्ष 2011 में माला नामक एक हथिनी उपहार स्वरूप उन्हें मिली थी, और वह गर्भवती थी. कुछ महीनों बाद उसने एक हथिनी को जन्म दिया, जिसका नाम उन्होंने रानी रखा. रानी के जन्म के छह महीने बाद ही उसकी मां की मौत हो गई. उन्होंने कहा कि रानी को उन्होंने अपने बच्चों की तरह पाला है. उनका कहना है कि इसे बचपन में चार गायों के दूध पिलाया जाता था. समारोह में भाग लेने पहुंचे समस्तीपुर के पत्रकार विभूति कुमार कहते हैं कि पशु के प्रति ऐसा स्नेह, प्रेम और संवेदना पहले कभी देखने को नहीं मिला. यह सराहनीय है. लोगों को इससे प्रेरणा मिलेगी कि इंसानों के साथ-साथ जानवरों के लिए लोग सोचेंगे. जन्मदिन समारोह में भाग लेने पहुंचे लोगों का कहना है कि महेंद्र प्रधान का यह पशु प्रेम समाज के लिए एक मिसाल है. रानी समस्तीपुर का गौरव है.

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Published Date: October 16, 2018 4:16 PM IST

Updated Date: October 16, 2018 4:19 PM IST