दीवारों के नहीं, पैर में लगा कान! चीन के डॉक्टरों की अनोखी सर्जरी ने चौंकाया दुनिया को

Viral News: चीन से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां डॉक्टरों ने एक महिला के सिर पर नहीं बल्कि उसके पैर पर कान लगाया. इस घटना के सामने आने के बाद यह मामला दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया है. आइए जानते हैं पूरा मामला.

Published date india.com Published: December 31, 2025 9:44 PM IST
China Doctors Unusual Ear Surgery
China Doctors Unusual Ear Surgery

चीन में एक महिला के साथ हुआ गंभीर कार्यस्थल हादसा डॉक्टरों के लिए बड़ी चुनौती बन गया. अप्रैल महीने में हुए इस हादसे में महिला का कान पूरी तरह कट गया, वहीं उसके सिर, गर्दन और चेहरे पर भी गहरी चोटें आईं. जब उसे अस्पताल लाया गया, तब उसकी हालत काफी नाजुक थी. आमतौर पर ऐसे मामलों में कटे हुए कान को तुरंत सिर पर जोड़ने की कोशिश की जाती है, लेकिन इस महिला के सिर की स्किन और खून की नसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त थीं. अगर उसी समय कान को सिर पर लगाया जाता, तो उसके खराब होने का खतरा बहुत ज्यादा था. लेकिन समय भी तेजी से बीत रहा था और कान को जिंदा रखना सबसे बड़ी चिंता बन चुका था, जिसके बाद डॉक्टरों ने ऐसा कदम उठाया जिसे जानने के बाद आप हैरान रह जाएंगे.

कान को बचाने के लिए पैर का हुआ इस्तेमाल

जिनान में स्थित शेडोंग प्रांतीय अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बड़ा और अजीब फैसला लिया. उन्होंने कटे हुए कान को महिला के पैर पर अस्थायी रूप से जोड़ने का निर्णय किया. डॉक्टरों के अनुसार, पैर की धमनियां और नसें कान की खून की नलिकाओं से मेल खाती थीं, जिससे खून का फ्लो बनाए रखना संभव था. इसके अलावा पैर की स्किन और मांसपेशियों की मोटाई भी सिर की त्वचा जैसी होती है, जो बाद में कान को दोबारा सिर पर लगाने में मदद करती है. यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन कान को जिंदा रखने के लिए यही सबसे सुरक्षित रास्ता था. हालांकि, यह रास्ता बेहद कम मामलों में अपनाई जाती है और इसे माइक्रो सर्जरी का मुश्किल उदाहरण माना जाता है.

10 घंटे की सर्जरी और 500 बार खून निकाला गया

कान को पैर से जोड़ने की पहली सर्जरी करीब 10 घंटे तक चली. इस दौरान सबसे मुश्किल काम बेहद पतली खून की नलिकाओं को जोड़ना था, जिनका साइज सिर्फ 0.2 से 0.3 मिलीमीटर था. वहीं, सर्जरी के कुछ दिनों बाद कान में खून जमने की समस्या आई और उसका रंग काला पड़ने लगा. इस स्थिति को संभालने के लिए डॉक्टरों ने पांच दिनों में करीब 500 बार हाथ से खून निकालने की प्रक्रिया अपनाई, ताकि खून का फ्लो सही बना रहे. साथ ही महिला के सिर और चेहरे की चोटों का इलाज भी लगातार चलता रहा, जिससे आगे की सर्जरी संभव हो सके.

महीनों बाद कान लौटा अपनी असली जगह पर

कई महीनों के इलाज और रिकवरी के बाद महिला के सिर की हालत इतनी बेहतर हो गई कि कान को उसकी असली जगह पर दोबारा जोड़ना संभव हो सका. फिर क्या सिर के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने के लिए डॉक्टरों ने पेट से ली गई स्किन का इस्तेमाल किया. डॉक्टरों का यह सफल सर्जरी के बाद महिला का कान फिर से नॉर्मल दिखने लगा. यह मामला साबित करता है कि आधुनिक मेडिकल साइंस में असंभव जैसा कुछ नहीं है. हालांकि, यह पहली बार नही था, इससे पहले भी चीन के डॉक्टर ऐसे मुश्किल मामलों में शरीर के अंगों को बचाने के लिए साहसिक और नए तरीके अपना चुके हैं. यह अनोखी सर्जरी न सिर्फ मेडिकल दुनिया के लिए, बल्कि आम लोगों के लिए भी चमत्कार से कम नहीं है.

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