coronavirus:कोरोना वायरस जो ना कराए…जी हां,  एक ऐसा मामला सामने आया है कि जिसने भी सुना दातों तले ऊंगली दबा ली. कोरोना वायरस एक नविवाहित पति-पत्नी के रिश्ते में विलेन बन गया. मामला भोपाल में लॉ ट्रिब्यूनल (विधिक प्राधिकरण) के सामने जा पहुंचा जिसमें पति को कोरोना फोबिया हो गया था जिसकी वजह से वह पत्नी से सोशल डिस्टेंसिंग बनाने लगा और इस डिस्टेंसिंग की वजह से नई-नवेली पत्नी रूठकर मायके चली गई. इतना ही नहीं,  उसने 5 महीने बाद प्राधिकरण में भरण-पोषण का आवेदन भी दे दिया.Also Read - ऐसे बच्चों को हर माह मिलेंगे 4 हज़ार रुपए, केंद्र सरकार ने बनाई बड़ी योजना

मामले में जब दोनों की काउंसलिंग की गई तो पता चला कि कोरोना के डर से पति नई-नवेली पत्नी को देखते ही बिदक जाता था और उससे संबंध बनाने से परहेज करता था. इसपर पत्नी ने आरोप लगा दिया कि उसका पति दाम्पत्य संबंध निभाने लायक ही नहीं है. पत्नी को मनाने के लिए पति को मेडिकल टेस्ट कराके अपने पुरुषत्व का प्रमाण देना पड़ा. मामले में समझौता होने के बाद शुक्रवार को महिला पति के साथ ससुराल चली गई. Also Read - बिना टीके के कोरोना से मरने वालों की संख्या 10 गुनी अधिक: अमेरिकी शोध

जानकारी के मुताबिक दोनों की शादी 29 जून को हुई थी और प्राधिकरण में महिला ने 2 दिसंबर को आवेदन दिया था. उसने पति पर आरोप लगाए थे कि ससुराल वाले उसे परेशान करते हैं और उसकी शादी को 5 महीने ही हुए हैं. पत्नी ने बताया कि शादी के बाद ससुराल वालों ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था. पति फोन पर तो अच्छी बातें करते थे, लेकिन पास नहीं आते थे. इसको लेकर दोनों के बीच विवाद होना शुरू हो गया. Also Read - कोरोना के मरीज के इलाज का हॉस्पिटल ने बनाया 1.8 करोड़ रुपए का बिल, छूट मांगने पर चिल्लाने लगे डॉक्टर

ससुराल वालों की प्रताड़ना और पति की बेरुखी को देखते हुए वह मायके आ गई और दो महीने यहीं रही. महिला का कहना है कि उसका पूरा जीवन पड़ा है, लिहाजा भरण-पोषण का खर्चा दिया जाए.

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राधिकरण ने पति का मेडिकल कराने की सलाह दी. पति ने प्राधिकरण के सामने मेडिकल रिपोर्ट रखी, जिसमें वह फिट पाया गया. मेडिकल रिपोर्ट को देखने के बाद पाया कि महिला ने पति पर झूठा आरोप लगाया था. महिला और उसके परिजन की काउंसलिंग की गई. उसके बाद महिला अपने पति के साथ ससुराल जाने को तैयार हो गई.

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संदीप शर्मा ने बताया कि महिला ने पति पर झूठे आरोप लगाए थे कि वह दांम्पत्य संबंध निभाने योग्य नहीं है. काउंसलिंग के दौरान खुलासा हुआ कि पति को कोरोना फोबिया था, जिसकी वजह से वह पत्नी से भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहा था.

काउंसलिंग के दौरान पति ने खुलासा किया कि शादी के बाद से ही पत्नी के परिवार वाले कोरोना पॉजिटिव हो गए. ऐसे में उसको लगता था कि हार्ड इम्युनिटी की वजह से उसे या पत्नी में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दिए. उसका मानना था कि जब आसपास वाले पॉजिटिव थे, तो हो सकता है कि उसे और पत्नी को भी कोरोना हो. इसकी वजह से वह संबंधों को निभाने से झिझकता था.