ये दास्ताँ है एक गरीब मज़दूर पिता और उसके मेहनती बेटे की। पिता ने अपने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए फैक्टरी में नौकरी की, कर्ज लिया, साइकिल से यहाँ वहाँ सफर कराया, खुद पटे पुराने कपड़े पहने, झोपड़ी वाले घर में जिंदगी बिता दी। अब आज बेटा सफल हो गया है तो पिता के दिल में खुशी समा नहीं रही है। बेटा झोपड़ी में रहने वाले अपने मज़दूर पिता को अगले महीने डेढ़ करोड़ का आलीशान घर गिफ्ट करने वाला है। साइकिल से चलने वाले पिता को कार भी गिफ्ट करेगा। यह दास्ताँ है मुंबई इंडियंस और रणजी में राजस्थान के लिए खेलने वाले तेज़ गेंदबाज नाथू सिंह की। पिता पुत्र के संघर्ष और फिर सफलता की कहानी सुनकर आप भी भावुक हो जाएंगें। Also Read - KFC Story: वसीयत लिखने बैठे तो सोचा मेरे पास है क्‍या? 65 की उम्र में शुरू किया बिजनेस, मिले 1009 रिजेक्‍शन, फिर बने अरबपति

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भरत सिंह बताते हैं कि उनका बेटा कई बार फैक्टरी की मजदूरी छो़ड़ने की गुजारिश कर चुका है लेकिन जिस काम के बूते वो इस मुकाम तक पहुँच सका है उसे कैसे छोड़े दें। नाथूसिंह के बारे में बताते हुए भरतसिंह कहते हैं कि नाथू हमेशा बड़ा शांत स्वभाव का था। उसे अपने परिवार से इतना प्यार है कि उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है। आज उसकी तरक्की देखकर सीना गर्व से भर जाता है। गौरतलब है कि नाथूसिंह को आईपीएल में मुंबई इंडियंस ने तीन करोड़ 20 लाख रुपए में खरीदा था। फिलहाल नाथूसिंह चोटिल हैं इस वजह से आराम कर रहे हैं। यह भी पढेंः लाखों रुपए के विदेशी पैकेज को ठुकराकर ज्वॉइन की इंडियन आर्मी

नाथू की सफलता से पड़ोसियों को भी कम खुशी नहीं है। हांलाकि भरत सिंह का परिवार अब अपनी झोपड़ी छोड़कर नए आलीशान घर में शिफ्ट हो जाएँगे लेकिन पड़ोसी कहते हैं कि नाथू बहुत अच्छा लड़का है। इतना बड़ा खिलाड़ी होने के बावजूद अभी भी मोहल्ले के लड़कों के साथ खेलता है। नाथू के दोस्त बताते हैं कि अभी भी उसे दोस्तों के साथ टाइम बिताना बहुत अच्छा लगता है। सभी नाथूसिंह की और तरक्की की कामना करते हैं। (स्टोरी इनपुट- दैनिक भास्कर)