सिडनी : ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में दुनिया की सबसे उम्रदराज मकड़ी की मौत हो गई. वैज्ञानिकों ने ट्रैपडुर प्रजाति की इस मकड़ी की उम्र 43 वर्ष बताई है . वैज्ञानिकों का कहना है कि उनकी जानकारी के अनुसार ट्रैपडुर प्रजाति की ये मकड़ी सबसे लंबे समय तक जीवित रही. ऑस्ट्रेलिया के अनुसंधानकर्ताओं ने सोमवार को इस बाबत जानकारी दी. Also Read - कोराना की वजह से जारी की गईं S*x गाइडलाइंस, कहा- सोलो सेक्स ही बेहतर...

ट्रैपडुर मकड़ी ने मेक्सिको की तरानतुला मकड़ी का रिकार्ड तोड़ा
सिडनी के अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में जनसंख्या अध्ययन के दौरान लंबे समय से इस मकड़ी पर वैज्ञानिक नजर रखे हुए थे. बायोलॉजी की पत्रिका ‘ पैसिफिक कंजर्वेशन बायोलॉजी ’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार इस ट्रैपडुर मकड़ी ने मेक्सिको के तरानतुला मकड़ी के 28 साल तक जीने के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था.

बुढ़ापे से नहीं हुई मकड़ी की मौत

अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि मकड़ी की मौत बूढ़े होने की वजह से नहीं हुई बल्कि उसे ‘वास्प प्रजाति ’ के एक कीड़े ने अपना शिकार बना लिया जिसके चलते उसकी मौत हो गई. अनुसंधानकर्ताओं ने इस मकड़ी का नाम गणना की दृष्टि से ‘ नंबर 16’ रखा हुआ था. रिसर्च की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण थी ये मकड़ी. इस मकड़ी की वजह से वैज्ञानिकों को समूचे ऑस्ट्रेलिया में पाई जाने वाली मकड़ियों के व्यवहार को समझने में मदद मिली. Also Read - India vs Australia: रोहित-पंत विवाद से पहले टीम इंडिया ने दो और बार तोड़ा था कोविड प्रोटोकॉल

ज्यादा खतरनाक नहीं हैं ट्रैपडुर मकड़ियां
पारंपरिक तौर पर ट्रैपडुर मकड़ियों का जीवनकाल 5 से 20 वर्ष तक का होता है. लेकिन नंबर 16 मकड़ी 43 वर्ष तक जीवित रही. अनुसंधानकर्ताओं ने बताया- ये मकड़ियां मनुष्य के लिए खतरा तो नहीं हैं लेकिन इनके काटने से दर्द होता है और संबंधित अंग में सूजन हो जाती है.
(इनपुट एजेंसी ) Also Read - IND vs AUS: वार्नर ने किया स्टीव स्मिथ का बचाव- हर बल्लेबाज खराब फॉर्म से गुजरता है