नई दिल्ली:   आमतौर पर आपने देखा होगा कि किसी भी देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति भवन या किसी बड़ी इमारत की सुरक्षा करना कमांडो या आर्मी की जिम्मेदारी होती है. इन जगहों की सुरक्षा इतनी तगड़ी हो ती है कि वहां कोई पंछी भी पर नहीं मार पाता. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी बात बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बताने जा रहे हैं जहां के राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा कोई कमांडो या आर्मी नहीं बल्कि कोई इंसान नहीं बल्कि परिंदे करते हैं. Also Read - मंगोलिया में सुबह 5:33 बजे र‍िक्‍टर स्‍केल पर 6.7 तीव्रता वाला भयंकर भूकंप आया

हम बात कर रहे हैं रूस की. रूस के राष्ट्रपति भवन और वहां के नजदीकी भवनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी इंसान पर नहां बल्कि पक्षियों की है.. इन पक्षियों में बाज और उल्लू शामिल हैं. आपको बता दें कि इन पक्षियों की यह टीम साल 1984 से राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा में डटी है. इस टीम में 10 उल्लू और बाज हैं. इन्हें सुरक्षा के लिहाज से खास ट्रेनिंग दी गई है. Also Read - रिपोर्ट में खुलासा, रूस के साथ एस-400 सौदे के चलते भारत पर पाबंदियां लगा सकता है अमेरिका

आपको बता दें कि उन उल्लुओं और बाजों को तैनाती की मुख्य वजह यह है कि यह किसी दुश्मन की शातिर चालों को नाकाम करना नहीं बल्कि कौओं व अन्य पक्षियों के बीट व मूत्र और अन्य गंदगी से राष्ट्रपति भवन और वहां बनी सरकारी इमारतों को इस नुकसान और गंदगी से बचाना है. जिसके लिए बाजों और उल्लुओं को तैनात किया गया है. ये कौओं को देखते ही उन पर आक्रमण कर देते हैं. Also Read - ये है धरती का सबसे ठंडा गांव, जहां तापमान -88F तक नीचे होता है, देखें Amazing Photos