गोवा के बीच (समुद्र तट) पर बीयर पीने पर आपको 2,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है, लेकिन 10 बीयर की बोतलों की ढक्कनों और इस्तेमाल किए गए 20 सिगरेट के बट के बदले में वेस्ट-बार में आपको एक बोतल बीयर मिल सकता है. इस पहल का मकसद गोवा आने वाले पर्यटकों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता पैदा करना और बीच को साफ-सुथरा रखना है.Also Read - Lancet Study: भारत में पिछले साल कैंसर के करीब 62,000 नये मामलों के लिए शराब जिम्मेदार- अध्ययन

बेस्ट बार का आइडिया दृष्टि मरीन नामक एक निजी बीच प्रबंधन एजेंसी का है, जिसे प्रदेश के पर्यटन मंत्रालय ने गोवा के समुद्र-तटों पर कचरे के संकट से निजात दिलाने के काम में लगाया है. इस पहल की शुरुआत 30 जनवरी को की गई और उत्तरी गोवा के बागा बीच स्थित प्रसिद्ध टीटो लेन पर जंजीबार शैक में वेस्ट बार खोले गए. Also Read - New Excise Policy For Delhi: दिल्ली की नई आबकारी नीति में शराब ब्रांडों के लिए बिक्री मानदंडों की सिफारिश

दृष्टि मरीन के साथ मिलकर अभियान की संकल्पना करने वाली नोरीन वैन होल्स्टीन ने आईएएनएस को बताया, “वेस्ट-बार एक लाभकारी संकल्पना है. यह इस जगह (बीच) के लिए सकारात्मक उपाय है. साथ ही, यह कार्यक्रम भीड़ को आकर्षित करने की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है. आपके ग्राहक काफी खुश होते हैं क्योंकि उनको लगता है कि वे समाज के लिए अपना योगदान दे रहे हैं और मुफ्त में पीने को भी मिल रहा है. ब्रांड को भी अपना पोजीशन बनाने में मदद मिलती है.” Also Read - Delhi Liquor Shop News: अब सीधे अपने घर ले जा सकते हैं ताजा बियर, खुले में परोसी जाएगी शराब; नई आबकारी नीति जारी

उन्होंने कहा, “लोगों को गोवा की दो चीजें आकर्षित करती हैं-बीच और बार. इसलिए, वे जिन चीजों के लिए यहां आते हैं वो उनको दीजिए. कचरे जमा करने के लिए उनको मुफ्त में पीने को मिलता है. इससे वे बीच पर कचड़े को लेकर जागरूक हो जाते हैं क्योंकि कचरे का मूल्य होता है. वे गोवा से अच्छे अहसास के साथ लौटते हैं.”

वैन होल्स्टीन के अनुसार, वेस्ट बार की शुरुआत कुछ साल पहले नीदरलैंड में की गई और यह आइडिया लोकप्रिय बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि सिगरेट के बट और बोतलों की ढक्कनों के अलावा, इस्तेमाल किए गए पांच प्लास्टिक स्ट्रॉ के लिए आपको एक बोतल ठंडी बीयर और कॉकटेल मिलेगा. उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में विभिन्न जगहों पर वेस्ट बार नजर आएंगे.

गोवा के बीचों पर हर साल करीब 80 लाख पर्यटक आते हैं. पिछले कुछ वर्षो से बीचों पर कचरों का अंबार लगने लगा है, जो चिता का विषय बन गया और बीचों को साफ-सुथरा और कचरा मुक्त रखने के लिए एक निजी एजेंसी को नियुक्त किया गया है. पिछले कुछ सप्ताह से खासतौर से प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों पर सरकार कचरे के संकट से निबटने में लाचार महसूस करने लगी थी और यह गोवा के पर्यटन उद्योग के लिए चिंता का सबब बन गया था, क्योंकि पर्यटकों के आगमन में कमी होने लगी थी.

दृष्टि मरीन के सीईओ रविशंकर ने कहा, “पिछले पर्यटन सीजन में हमने समुद्र तट को साफ-सुथरा रखने को लेकर जागरूकता पैदा करने के लिए 150 से अधिक दिनों तक काफी सफल अभियान चलाया, जिसमें लोगों को कचरे को अलग-अलग करने के महत्व के बारे में बताया गया. इस दिशा में हमने काफी सकारात्मक प्रभाव पैदा किया और इस सीजन में भी अभियान चलाने का फैसला लिया है.”

अभियान के दौरान संगठन द्वारा संचालित कार्यशालाओं में संग्रह किए गए कचरे का उपयोग करके संगीत के उपकरण समेत विभिन्न प्रकार के उपयोगी सामान बनाए गए. गोवा के बीच देश में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, जहां हर साल पांच लाख से अधिक विदेशी पर्यटक आते हैं.

(एजेंसी इनपुट)