Farmers Protest: दिल्ली में किसानों ने डेरा जमा रखा है. इस बीच किसानों की मदद के लिए लोग आगे आ रहे हैं. लंगर की तस्वीरें तो पहले से ही आ रही हैं, अब ताजा तस्वीरें वॉशिंग मशीन, वाईफाई की हैं. Also Read - अनिल विज ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को लिखा पत्र, 'प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत फिर शुरू करें'

तस्वीर सिंधु बॉर्डर की है. जहां विरोध प्रदर्शन कर रहे पंजाब और हरियाणा के किसान आंदोलन को लंबा चलते देख लोग उनकी मदद को आगे आ रहे हैं. Also Read - Farmers Protest: 10 अप्रैल को केएमपी एक्सप्रेस-वे 24 घंटे के लिए बंद रखेंगे किसान, लोगों संग अच्छे व्यवहार का वादा

बड़ी संख्या में जुटे किसान अपनी सहूलियत को ध्यान में रखते हुए दैनिक जरूरतों के हिसाब से कई प्रकार की मशीनों को प्रयोग कर रहे हैं. किसानों की सहूलियत के लिए काम आ रही इन मशीनों से उन्हें सड़क पर डटे रहने के लिए एक प्रेरणा भी मिल रही है. Also Read - मैंने गलती की मगर हर गलती अपराध नहीं- कोर्ट में बोला लाल किला हिंसा का आरोपी दीप सिद्धू

दिल्ली-हरियाणा सीमा पर पिछले 15 दिनों से विरोध कर रहे किसान रोटी बनाने वाली मशीनों का उपयोग कर रहे हैं. खुले आसमान में कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों के लिए रोजाना तीन समय के भोजन के लिए यह मशीनें खूब काम आ रही हैं और इनसे दिन में हजारों रोटियां बनाई जा रही हैं.

चूंकि किसानों को अपने घर से निकले दो सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, इसलिए उन्हें खाने के साथ ही अपने कपड़ों का ध्यान भी रखना पड़ रहा है. धूल-मिट्टी, कीचड़, प्रदूषण और पसीने के बीच उनके कपड़े समय-दर-समय साफ रहें, इसलिए इनकी धुलाई के भी इंतजाम हो चुके हैं. किसानों के कपड़ों की धुलाई के लिए वाशिंग मशीन काम आ रही हैं.

चूंकि आंदोलन में अधिकांश प्रदर्शनकारी बुजुर्ग हैं, इसलिए इन वाशिंग मशीनों की अहमियत और भी बढ़ जाती है. इससे किसानों, खासकर बुजुर्ग किसानों को लंबे आंदोलन के लिए अपनी अतिरिक्त ऊर्जा लगाने की जरूरत है.

इसके साथ ही किसानों के मोबाइल फोन की चार्जिंग के लिए भी जगह-जगह विशेष इंतजाम किए गए हैं. किसान अपने घरों से दूर हैं और उन्हें अपने परिजनों के साथ भी लगातार संपर्क बनाए रखना है. इस लिहाज से उनके मोबाइल फोन की चार्जिग भी बहुत जरूरी है.
(एजेंसी से इनपुट)