Leap Day 2020: आज के दिन में बहुत कुछ ख़ास है. 12 महीने के साल में फरवरी का महीना सबसे कम दिन का होता है. मगर इस साल का ये महीना अपने अंदर ढेरों इतिहास और तथ्य को छिपाने की सलाहियत रखता है. फ़रवरी 3 साल तक 28 दिनों का होता है और 4वें साल उसमे एक दिन बढ़ जाता है. इस वर्ष में 365 के स्थान पर 366 दिन होते हैं. इस एक दिन बढ़ने के वजह से हम उस साल को लीप ईयर के नाम से जानते हैं. Also Read - कोरोना संकट: भारत की मदद के लिए आगे आए 40 अमेरिकी कंपनियों के CEO; गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

इसी विशेष अवसर पर Google ने इस दिन को मनाने के लिए एक मजेदार डूडल समर्पित किया है जो केवल हर चार साल में एक बार आता है. डूडल में एक विचित्र और रंगीन एनीमेशन है. आज का लीप डे डूडल दुनिया भर में  Google के होम पेज पर प्रदर्शित किया जा रहा है. Also Read - COVID-19: सुंदर पिचई, सत्‍या नडेला कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में भारत की मदद के लिए आए आगे

क्यों 4 साल में एक बार आता है 29 फ़रवरी? Also Read - Google Assistant For iPhone: गूगल असिस्टेंट की मदद से अब खोए हुए आईफोन को ढूंढ़ने में मिलेगी मदद

इस साल को लीप ईयर कहा जाता है. इसके पीछे का कारण आप जानकर हैरान हो जाएंगे. इस साल में 1 दिन कारण पृथ्वी और सूर्य हैं. दरअसल, यह पृथ्वी और सूर्य के परिक्रमा को लेकर है. आप सभी को पता ही होगा की पृथ्वी सूरज का एक चक्कर लगाने में 365.242 दिन लगाती है. आप देख सकते है की हमारा साल 365 दिन का होता है और धरती अधिक वक़्त लेती है. ये जो 00.242 दिन होते हैं. वह 4 साल में एक पूरा दिन बनकर उभरते हैं. और इस कारण 4 साल में एक बार लीप ईयर आता है.

अगर हम साल के हर महीने एक समान बियाएं तो इस तरह से हम धरती के प्राकृतिक कैलेंडर मेसे लगभग 6 घंटे ऐसे आगे निकल जाएंगे. अगर हम लीप ईयर को कतम कर देते है तो धरती पर आने वाले समय में कुछ भी सही तरह से नहीं रहेगा. आपको बता दें की जो गर्मी का मौसम हम मई और जून में सहते है उसे कुछ सालो बाद हमे दिसंबर और नवंबर में देखने मिलेगा. इसलिए धरती पर सब कुछ सही रखने के लिए लीप ईयर होना बेहद जरुरी है.