प्रतापगढ़ (यूपी): कोरोना वायरस (Corona Virus) से बचने के लिए जागरूकता का असर इस दूल्हे पर बहुत हुआ. ये हमारे गाँव का हीरो है. ये बात हम नहीं बल्कि हर वो शख्स कह रहा है, जिन्होंने भी दूल्हे को साइकिल से बारात ले जाते देखा. जी हाँ, अपनी दुल्हनियां संग सात फेरे लेने के लिए दूल्हा अपनी ही बरात साइकिल से लेकर पहुंचा. ऐसा नहीं था कि दूल्हा कार से नहीं जा सकता था. बल्कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसे कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता फैलानी थी. इन दिनों किसी भी कार्यक्रम में भीड़ न करें, इसका बेहतरीन तरीके से संदेश देना था.Also Read - नाम बदलकर धोखे से की शादी, फिर धर्मांतरण करवाया और तलाक देकर भाईयों से हलाला को किया मजबूर

दूल्हा विनय कुमार की दस किलोमीटर की यात्रा अब उनकी प्रसिद्धि की वजह बन गई है. वह अब उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के अपने बोझी गांव में एक नायक के तौर पर देखे जा रहे हैं. विनय कुमार अपने दोस्तों के साथ शुक्रवार को अपनी बरात राजगढ़ गांव ले गए. इस बारात की सबसे खास बात यह है कि सारे बाराती साइकिल पर सवार थे और फेस शील्ड और फेस मास्क पहने हुए थे. Also Read - विदेशी जोड़े ने गंगोत्री धाम में हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी, सिंदूर लगा और सात फेरे लेकर खाई कस्में | देखें खूबसूरत तस्वीरें

पर्यावरण कार्यकर्ता विनय कुमार ने कहा, “मैं एक स्पष्ट संदेश देना चाहता था कि सोशल डिस्टेंसिंग बहुत महत्वपूर्ण है. यह कार या बस में संभव नहीं होगा, इसलिए हम दुल्हन के घर तक साइकिल से गए. यह कोरोना की दूसरी लहर के खिलाफ लड़ाई का मेरा तरीका है.” विनय प्रतापगढ़ में एक निजी कारखाने में काम करते हैं और पर्यावरण जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं. Also Read - Delhi Coronavirus Update: दिल्ली में कोरोना में बड़ी भारी गिरावट, एक की मौत

जब दूल्हा ‘बारातियों’ के साथ साइकिल पर दुल्हन के गांव पहुंचा, तो स्थानीय लोगों ने उसका उपहास करने के बजाय उसकी प्रशंसा की. स्थानीय लोगों को अनोखे ‘बारात’ की तस्वीरें और वीडियो क्लिक करते भी देखा गया. विनय के परिवार के सदस्यों ने कहा, उन्होंने महामारी के दौरान अनावश्यक खचरें से बचने और पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूकता पैदा करने का निर्णय लिया. उन्होंने सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए सीमित संख्या में मेहमानों को आमंत्रित किया.