नई दिल्ली: आज पूरा देश बालदिवस मना रहा है. तो आइए बाल दिवस के इस मौके पर हम भी अपने बचपन की कुछ यादें तरोताजा कर लें. बचपन में हम सभी ने खूब शैतानियां की है. खूब धमाचौकड़ी मचाई है. छोटी-छोटी चीजों के लिए भाई-बहनों से लड़े भी हैं. तो आइए आपको बचपन की कुछ ऐसी ही यादों से दो-चार करवाते हैं. बचपन के वह खेल याद दिलाते हैं, जो हर किसी ने खेले होंगे. वह किताब जो हर बच्चे ने बचपन में जूरूर पढ़ी होगी.Also Read - Shaktimaan के तमराज किलविश हैं करोड़ों की संपत्ति के मालिक, 19 साल पहले पत्नी को...जानें Net Worth, Lifestyle

1. बबल गम में निकलने वाले टैटू Also Read - Shaktimaan के पास है इतने करोड़ की संपत्ति, जानें Mukesh Khanna का Net Worth, Income...अब तक हैं कुंवारे

ये फ्यूजन बबल गम सभी के बचपन का एक हिस्सा है. अधिकांश लोग तो बचपन में इसे खाने से ज्यादा इसके टैटू के कारण खरीदते थे. सभी को यह हाथों पर लगाना बेहद पसंद जो था. Also Read - मुकेश खन्ना ने महिलाओं पर दिया विवादित बयान, लोगों का 'शक्तिमान' पर फूटा गुस्सा- SEE VIDEO 

.buble

2.शक्तिमान

file photo

हम अपने बचपन को याद करें और शक्तिमान का जिक्र ना हो भला ऐसा हो सकता है. शक्तिमान, गंगाधर, तमराज किल्विष और ‘अंधेरा कायम रहे’, जिंदगी का एक हिस्सा सा बन गए थे.

3.सांप सीढ़ी

snake game
बचपन में खेले जाने वाला सांप-सीढ़ी का खेल भी आपको जरूर याद होगा. कुछ तो आज भी इसे खेलते होंगे. इसकी बात ही अलग थी. किसी को काट ले सांप और कोई चढ़ जाए सीढ़ी तो खुशी हमको होने लगती थी.

4. क्या आप भी कभी इसे देखकर डरे हैं?

vikral 2

ये धारावाहिक भी भुलाए नहीं भूलता जिसकी कहानियों को सुनते-सुनते हम बड़े हुए हैं. बात कर रहे हैं विक्रम बेताल की, बेताल जिसके बारे में सोचकर कई बच्चे रात को डर जाया करते थे.

5. रंग-बिरंगी पेंसिल

pencil

हम सभी बचपन में इन पेंसिल्स को खरीदने के लिए मम्मी-पापा से बहुत लड़ा करते थे और जिद करके किसी ना किसी तरह इन्हें खरीद ही लेते थे. फिर स्कूल में जाकर दोस्तों को वह पेंसिल दिखाकर बहुत खुश हुआ करते थें.