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बाल दिवस 2017: बूमर के टैटू से लेकर सांप सीढ़ी के खेल तक, ऐसी थी बचपन की 5 खट्टी-मीठी यादें
आज पूरा देश बालदिवस मना रहा है. तो आइए बाल दिवस के इस मौके पर हम भी अपने बचपन की कुछ यादें तरोताजा कर लें.
नई दिल्ली: आज पूरा देश बालदिवस मना रहा है. तो आइए बाल दिवस के इस मौके पर हम भी अपने बचपन की कुछ यादें तरोताजा कर लें. बचपन में हम सभी ने खूब शैतानियां की है. खूब धमाचौकड़ी मचाई है. छोटी-छोटी चीजों के लिए भाई-बहनों से लड़े भी हैं. तो आइए आपको बचपन की कुछ ऐसी ही यादों से दो-चार करवाते हैं. बचपन के वह खेल याद दिलाते हैं, जो हर किसी ने खेले होंगे. वह किताब जो हर बच्चे ने बचपन में जूरूर पढ़ी होगी.
1. बबल गम में निकलने वाले टैटू
ये फ्यूजन बबल गम सभी के बचपन का एक हिस्सा है. अधिकांश लोग तो बचपन में इसे खाने से ज्यादा इसके टैटू के कारण खरीदते थे. सभी को यह हाथों पर लगाना बेहद पसंद जो था.
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2.शक्तिमान

हम अपने बचपन को याद करें और शक्तिमान का जिक्र ना हो भला ऐसा हो सकता है. शक्तिमान, गंगाधर, तमराज किल्विष और ‘अंधेरा कायम रहे’, जिंदगी का एक हिस्सा सा बन गए थे.
3.सांप सीढ़ी

बचपन में खेले जाने वाला सांप-सीढ़ी का खेल भी आपको जरूर याद होगा. कुछ तो आज भी इसे खेलते होंगे. इसकी बात ही अलग थी. किसी को काट ले सांप और कोई चढ़ जाए सीढ़ी तो खुशी हमको होने लगती थी.
4. क्या आप भी कभी इसे देखकर डरे हैं?

ये धारावाहिक भी भुलाए नहीं भूलता जिसकी कहानियों को सुनते-सुनते हम बड़े हुए हैं. बात कर रहे हैं विक्रम बेताल की, बेताल जिसके बारे में सोचकर कई बच्चे रात को डर जाया करते थे.
5. रंग-बिरंगी पेंसिल

हम सभी बचपन में इन पेंसिल्स को खरीदने के लिए मम्मी-पापा से बहुत लड़ा करते थे और जिद करके किसी ना किसी तरह इन्हें खरीद ही लेते थे. फिर स्कूल में जाकर दोस्तों को वह पेंसिल दिखाकर बहुत खुश हुआ करते थें.
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