देश की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार ट्रेनों की संख्या बढ़ा रही है. वहीं अनलॉक के पांचवे चरण में ट्रेनों के चलने से स्टेशनों पर मुसाफिरों की संख्या भी बढ़ने लगी है. इसका फायदा स्टेशनों पर मौजूद कुलियों को हो रहा है.Also Read - Indian Railways/IRCTC Updates: रेलवे ने रद्द की ये 12 ट्रेनें, इन चार ट्रेनों को किया गया शॉर्ट टर्मिनेट, देखें पूरी LIST

दरअसल, कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए किये गए लॉकडाउन में रेलवे की सेवा बंद कर दी गयी थी. इससे स्टेशनों पर मौजूद कुलियों के जीवन पर काफी प्रभाव पड़ा था. हालांकि अब स्थिति पहले से बेहतर होने लगी है. Also Read - Indian Railways/IRCTC: ट्रेन से सफर करने वालों के लिए खुशखबरी! रेलवे फिर से शुरू कर रही ये सुविधा...

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 1,237 कुली काम करते हैं, जिसमें से फिलहाल करीब 1000 कुली ही इस वक्त रेलवे स्टेशन पर कार्यरत हैं. लॉकडाउन की वजह से कुली अपने-अपने घर वापस चले गए थे, लेकिन अब स्टेशन पर कुली फिर से काम करने के लिये आ चुके हैं साथ ही उनकी आमदनी पर भी फर्क पड़ने लगा है. Also Read - Indian Railways/IRCTC: रेलवे चलाएगा ये फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें, IRCTC की वेबसाइट पर 25 अक्टूबर से होगी बुकिंग

दिल्ली में रोजाना हजारों की संख्या में कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि दुनिया का बोझ उठाने वाले इन मेहनतकश लोगों में कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं है. वहीं जहां शुरूआती दौर में रोजाना करीब 200 रुपये की कमाई हो पाती थी, अब 500 रुपये तक हर दिन कुली कमा ले रहे हैं.

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रोजाना 102 ट्रेनों का आवगमन हो रहा है. जिसकी वजह से मुसाफिरों की संख्या भी बढ़ने लगी है.

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कुली चन्दर मीना ने बताया, पहले से अब स्थिति ठीक हो गई है. अब मैं रोजाना 400 रुपये तक कमा लेता हूं, हालांकि ऐसा हर दिन नहीं हो पाता लेकिन पहले के मुकाबले अब जीवन यापन हो रहा है.

उन्होंने कहा, ट्रेनों की संख्या बढ़ने और मुसाफिरों के आने से फर्क पड़ रहा है. हम तो यही चाहेंगे कि लोग आना जाना शुरू करें ताकि हम लोगों की जिंदगी चलती रहे.

कुली हुसैन खान ने बताया, 2007 से कुली का काम कर रहा हूं, अब 500 रुपये तक कमा लेता हूं लेकिन किसी किसी दिन एक रुपये भी नहीं कमा पाता. लॉकडाउन के वक्त तो हालत खराब हो चुकी थी. हर दिन जीना बहुत मुश्किल हो गया था.

कुली दिलीप खान बताते हैं कि, मैं लॉकडाउन में 4 महीने घर बैठे रहा, एक रुपये की कमाई नहीं हुई, लेकिन अब 300-400 रुपये रोजाना निकल जाते हैं. जनता एक जगह से दूसरी जगह जाने लगी है जिसकी वजह से हमें फायदा हो रहा है.

बता दें कि कुलियों की साल में 120 रुपये की पर्ची कटती है, जिसके बाद रेलवे की तरफ से इनको एक ट्रेवलिंग पास दिया जाता है. जिससे पूरे साल में एक बार कुली और उसका परिवार कहीं भी फ्री में यात्रा कर सकता है. जिसकी वैधता 5 महीने की होती है और साथ में 3 वर्दी भी दी जाती है. पूरे देश में 20,000 से 23,000 तक कुली हैं जिसमें से दिल्ली में 2000 से 3000 कुली हैं.
(एजेंसी से इनपुट)