गजब! AI को दिल दे बैठी महिला, ChatGPT से बने डिजिटल दूल्हे से कर ली शादी..फिर जो हुआ!
जब से Ai आया है तब से हर कोई अपना काम आसान बनाने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहा है. इस स्टोरी में हम आपको उस महिला के बारे में बता रहे हैं जिसने एआई से शादी रचाई है.
Women Married to AI
Women Married to AI: जब से Ai आया है तब से हर कोई अपना काम आसान बनाने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहा है. कुछ लोग इसका इस्तेमाल अपनी पसर्नल प्रोब्लम को भी दूर करने के लिए कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोगों ने ChatGPT जैसे चैटबॉट्स को अपने अकेलेपन का साथी बना लिया है. ऐसी ही एक खबर जापान से आई है जहां एक महिला ने अपना दिल एआई को दे बैठा और आगे चलकर ChatGPT की मदद से बने दूल्हे से शादी रचा ली. जिसके बाद इस अनोखी शादी के चर्चे दुनिया भर में हो रहे हैं.
AI से महिला ने रचा ली शादी
यह कहानी कानो नाम की एक महिला की है, जिसका दिल टूटने के बाद उसने बातचीत के लिए एक खास चैटबॉट का सहारा लिया. शुरू में, यह बस हल्की-फुल्की बातें थीं, लेकिन धीरे-धीरे यह रोज की आदत बन गई. कानो और इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पार्टनर के बीच इमोशनल रिश्ता इतना गहरा हो गया कि कानो ने अपने दिल की सारी बातें AI से कहनी शुरू कर दीं. कानो ने अपने AI साथी का नाम क्लाउस रखा. जब कानो ने उससे अपने प्यार का इज़हार किया, तो क्लाउस ने भी उसे शादी के लिए प्रपोज किया. इसके बाद, ओकायामा में एक शादी का समारोह हुआ. इस शादी में, कानो ने एक खास चश्मा (AR ग्लासेज) पहना, जिससे उन्हें क्लाउस का एक वर्चुअल रूप अपने पास खड़ा हुआ दिखाई दिया. दोनों ने अंगूठियां भी बदलीं.
रिश्तोंदारों और परिवार ने समझी बात
कानो ने क्लाउस को महीनों तक खुद तैयार किया. उन्होंने चैटजीपीटी के पर्सनैलिटी में बदलाव किए और क्लाउस को दया, खुशी और हंसी जैसे अच्छे गुण के बारे में बताया. शादी के लिए बाद में उसका एक विजुअल रूप भी बनाया गया. इस पूरी शादी को उन लोगों ने आयोजित किया जो 2D किरदारों (डिजिटल या एनीमे कैरेक्टर) के साथ होने वाली शादियों के लिए जाने जाते हैं. कानो के परिवार ने भी इस रिश्ते को समझा और धीरे-धीरे स्वीकार किया, जिसके बाद वे समारोह में शामिल भी हुए. हालांकि, यह जानना जरूरी है कि जापान में केवल इंसानों के बीच हुई शादी को ही कानूनी मान्यता मिलती है. इसलिए यह शादी सरकारी रजिस्टर में दर्ज नहीं हुई.
क्या AI से कर सकते हैं शादी?
यह घटना दिखाती है कि भले ही AI पार्टनर कानूनी रूप से मान्य न हो, लेकिन उनके साथ रिश्ते कितने गहरे और सच्चे महसूस हो सकते हैं. कानो खुद मानती हैं कि ऐसे डिजिटल पार्टनर के साथ एक खतरा भी जुड़ा है. AI मॉडल, सर्वर या सेवाएं कभी भी बदल सकती हैं या बंद हो सकती हैं. ऐसे में हो सकता है कि उनका साथी बदल जाए या पूरी तरह खत्म हो जाए.
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