भारत एक ऐसा देश हैं जहां खजाना अकूत का है। यहां कहते हैं की इतना खजाना है की अगर मिल जाए तो पूरा भारत एक बार फिर से सोने की चिड़िया बन जायगी। यहां के मंदिर, पुराने खंडहर, और किलों में बेशुमार दौलत छीपा हुआ है। उन्ही में से एक मंदिर है महाराष्ट्र के कोल्हापुर में। इस मंदिर का निर्माण 900 साल पहले किया गया था और इस मंदिर में जो खजाना है वो अरबो रूपये का है। अब आप हैरान हो गए आखिर कौनसा यह मंदिर है।Also Read - Sabyasachi के नए एड में मॉडल ने ब्रा पहन मंगलसूत्र किया फ्लॉन्ट, मचा बवाल... लोग बोलें- 'पोर्न जूलरी' का हब

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महाराष्ट्र का कोल्हापुर यहां है माता लक्ष्मी का तकरीबन 900 साल पुराना मंदिर कोल्हापुर में एक मंदिर ऐसा है इस मंदिर के खजाने भी 500 साल पुराने हैं, लेकिन इस मंदिर को जब इसे 40 साल बाद खोला गया, तो यहां सोने के ऐसे आभूषण सामने आए, जिसकी बाजार में कीमत करोड़ों में है। इस मंदिर को जब खोला गया टॉप उसमें सोने की बड़ी गदा, सोने के सिक्कों का हार, सोने की जंजीर, चांदी की तलवार, महालक्ष्मी का स्वर्ण मुकुट जैसे बेशकीमती खजाने मिले। यह भी पढ़ें : इस मंदिर उतर जाता है ‘आशिकी का भूत’ Also Read - महाबलेश्वर में भारी बारिश से रत्नागिरि, रायगढ़ में तबाही मची, 50 से ज्‍यादा मौतों की खबर, बढ़ सकती है मृतक संख्‍या

कहते हैं इस मंदिर में कीमती जेवरों में हीरे मोती और पन्ना ऐसे हैं जिनकी कीमत करोड़ो में हैं। इस मंदिर में लक्ष्मी माँ की मूर्ति स्थापित है और हर साल यहां हजारों की संख्या में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। कहा जाता है की इस मंदिर में महाराजा शिवाजी की माता जिजाबाई ने भी मंदिर में जेवर चढ़ाया था। यह मंदिर अपने आप में बड़ा ही अनोखा है 27 हजार वर्गफुट में फैला है। मंदिर 51 शक्तिपीठों में शुमार है और कहा जाता है की मंदिर के अंदर आदि शंकराचार्य ने महालक्ष्मी की मूर्ति की स्थापना थी।