माँ पार्वती की पूजा की जाती है माँ के साथ भगवन गणेश और कार्तिक की भी पूजा की जाती है। जैसे की आपको पता है माँ पार्वती का आशीर्वाद जिसपर रहता है उसका सुहाग हमेशा उसके पास रहता है। यह व्रत माँ पार्वती ने खुद किया था भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए। इस लिए शिव पार्वती की पूजा साथ में करना बेहद फलदायी होता है। आप जब सुबह सरगी खाने के बाद यह व्रत रखती है तब आप इसे एक संकल्प की तरह करे कि आपको अपने सुहाग कि लंबी उम्र के लिए यह व्रत रखना है।Also Read - Women don't fast for their men on Karva chauth in this village, but why? | करवाचौथ रखने पर यहां महिलाएं हो जाती है विधवा

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आज के दिन सुहागन बिना खाए दीवार पर गेरू से फलक बनाकर पिसे चावलों के घोल से करवा का चित्र बनती है। इसे करावा धरना भी कहा जाता है। आज के दिन के पकवान बनाये और पूजा करने वाली पिली मिट्टी से पारवती माता, शिव भगवान और गोद में गणेश जी बनाए साथ में कार्तिक भगवान को भी बनाए। फिर आप एक लकड़ी के आसन पर लाल कपड़ा बिच कर माँ के साथ सभी को विराजमान करें। विराजमान करने के बाद माँ का सिंगार करे और फिर माँ की पूजा अर्चना करे फूल और भोग चढ़ाकर। यह भी पढ़ें: जानिए करवा चौथ 2015 का शुभ मुहूर्त

आज के दिन के लिए आप टोंटी वाला करवा लें। करवा में गेहू रखा जाता है और उसके धकन में शक्कर रखने का नियम है। वही इसे रखने के बाद शक्कर के ऊपर अपनी ख़ुशी अनुसार कुछ दक्षिणा रख दें। पति कि लम्बी आयु कि कामना करते हुए रोली से करवा पर स्वस्तिक बना लें और गौरी-गणेश और चित्रित करवा की पूजा आने सूची मान से करें। फिर करावा चौथ कि कथा सुने और फिर शाम होने पर चन्द्र के आने का इंतज़ार करें।

शाम के वक़्त पत्नियां दुल्हन लगती है। सजीधजी पत्नियां चन्द्रमा की पूजा कर अपने पति को देखती है। चन्द्रमा और पति को देखने के वक़्त पत्नियां जालीदार छन्नी का स्तेमाल करती है। आपको बता दे कि चन्द्रमा कि पूजा का अपना ही महत्व है। मान्यता के अनुसार जो चंद्रमा में पुरुष रूपी ब्रह्मा की उपासना करता है उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। और सबसे महत्वपूर्ण बात यह करने से जिसके लिए पूजा कि जाती है उसे लंबी आयु कि प्राप्ति होती है।