सिंहस्थ पर्व की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और 22 अप्रैल से शाही स्नान की शुरुवात होगी। उज्जैन में हर 12 साल में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होता है। जिसमें देश और दुनिया भर से लाखों की संख्या में साधु संत और धर्मालु शामिल होते हैं। साधु संत सिंहस्थ की शोभा होते हैं और धर्मालुओं के आकर्षण का केंद्र भी। वैसे तो यहां पर 13 अखाड़ा शामिल होते हैं लेकिन इस बार एक और नया अखाड़ा सामने आया है और यह अखाड़ा किन्नर अखाड़ा है।Also Read - Amit Shah will bath in Simhasth Kumbh with Dalit saints । दलितों के पास खुद जाएंगे अमित शाह, साथ करेंगे स्नान

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साधु-संतों के 13 प्रमुख अखाड़ों की संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में 22 अप्रैल से शुरू होने वाले सिंहस्थ मेले में हिस्सेदारी के लिये नवगठित किन्नर अखाड़े को मान्यता देने से इंकार कर दिया था। लेकिन वहीं किन्नर अखाड़ा का कहना है वो इस पर्व में शामिल होंगी और अपना ध्वज और पताखा लहरायेंगी। इस मामले पर किन्नर अखाड़ा के फाउंडर मेंबर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा, सनातन धर्म से किन्नरों का वजूद रहा है। यह भी पढ़ें : सिंहस्थ महाकुंभ 2016: इस बार कुंभ में नजर आएगा भगवान शंकर का सबसे बड़ा त्रिशूल

सिहंस्थ मेला की शुरुवात 22 अप्रैल से होगी और यह 21 मई तक चलेगा। इस महापर्व में पूरी दुनिया से लोग आयंगे। इस बार आंकलन किया जा रहा है की इस बार मेले में दुनिया भर से करीब पांच करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद है। वहीं प्रसाशन ने अपनी पूरी तैयारी को पूरा करने में जुट गई है। इस पर्व से पहले ही किन्नर अखाड़ा द्वारा किया गया था कि करीब 10 हजार से ज्यादा किन्नर सिंहस्थ में शामिल हो सकते हैं। वहीं 21 अप्रैल को किन्नर अखाडे की पहली पेशवाई निकलेगी। ( फोटो क्रेडिट – मध्य प्रदेश सरकार वेबसाइट )