भारत-पाकिस्तान के बीच 1999 में हुआ कारगिल युद्ध आज भी लोगो के जहन में जिंदा है। भारतीय इस लड़ाई को याद करके गर्व महसूस करते है। लेकिन इस युद्ध में भारत ने अपने कई बहादुर जवानो और होनहार अफसरों को खोया था। इन्ही में से एक थे महावीर चक्र मेडल विजेता केप्टन नीइकेझाकुओ केंगुरुसी जिनके बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे।Also Read - India vs Pakistan: बड़बोले पाकिस्तानी मंत्री के अजब बोल, पाकिस्तान की जीत पर कही ऐसी ओछी बात

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इस जाबांज अफसर ने अपने देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करने से पहले अंतिम समय तक दुश्मनों का सामना किया। ‘घटक प्लाटुन’ का लीडर होने के नाते इनका पहला काम था द्रास सेक्टर में ‘ह्लैक रॉक’ इलाके पर कब्जा करना। इस बटालियन का पहला मकसद चोटियों पर कब्जा करना था। ‘घटक प्लाटुन’ जैसे ही पहाड़ियों की तरफ अग्रसर हो रहा था तभी दुश्मनों की गोली का शिकार हुए थे केप्टन केंगुरुसी। यह भी पढ़े-12 राज्यों में जमीन, 23 होटल, तीन हजार से ज्यादा बैंक अकाउंट और 150 कारें हैं इस घोटालेबाज के पास Also Read - IND vs PAK, T20 World Cup 2021: Jasprit Bumrah के पास 'गोल्डन चांस', इतिहास रचने की दहलीज पर

बता दे कि ठंड और तीखे पत्थर को दरकिनार करते हुए उन्होने अपने जूते को निकालकर नंगे पांव ही पूरी घटना को अंजाम दिया। उन्होने दुश्मनों पर रॉकेट लांचर से भी हमला किया और अपने बंदूक से दो घुसपैठियों को मार गिराया। इतना ही आमने-सामने के लड़ाई में अपने कमांडो की चाकू से दो को और मार गिराया। इसके बाद वह दुश्मनों के गोली का शिकार होते हुए पहाड़ियों से नीचे गिर गए जिसके बाद गंभीर रुप से घायल हो गए। यह भी पढ़े-भिखारी निकला 10 करोड़ का मालिक

गौरतलब है कि इससे पहले कारगिल युद्ध में हीरो रहे कैप्टन सौरभ कालिया की पाकिस्तानी फौज की कस्टडी में हुई मौत की अंतरराष्ट्रीय जांच से एनडीए सरकार पीछे हट गई। जिसके बाद खूब हंगामा मचा था।