Venus: सैकड़ों सालों से वैज्ञानिक सौरमंडल में दूसरे ग्रहों पर जीवन तलाशने में जुटे हैं. मानवों के लिए ये हमेशा ही उत्सुकता का विषय रहा है कि पृथ्वी की तरह कहीं और जीवन है या नहीं. बड़े-बड़े देश इसमें करोड़ों डॉलर्स निवेश करते हैं. इसी कड़ी में हाल ही में शुक्र ग्रह पर जीवन के संभावना वाले शोध की जानकारी आई है.

इस शोध के परिणाम सामने आते ही रूस ने दावा कर दिया है कि शुक्र ग्रह उनका है. खबरों के मुताबिक, रूसी स्पेस एजेंसी के प्रमुख ने कहा है कि शुक्र रूस का ग्रह है.

दरअसल, शुक्र ग्रह पर फोस्फीन पाया गया है. ये जीवन के होने का संकेत माना जा सकता है. ये खबर आते ही आनन-फानन में रूसी स्पेस एजेंसी रोसकोमस के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने कह दिया कि शुक्र एक रूसी ग्रह है.

जीवन के संकेत
शुक्र ग्रह पर ये शोध किया था अमेरिका और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने. उन्होंने दावा किया कि उन्हें शुक्र ग्रह के बादलों में फोस्फीन गैस के होने के स्पष्ट संकेत मिले हैं.

रूस क्यों कर रहा दावा
विशेषज्ञों का कहना है कि रूस और अमेरिका के बीच ये शीत युद्ध 1960 में शुरू हुआ. तब अमेरिका ने चंद्रमा पर इंसान को पहली बार उतारा था. साथ ही वहां पर अमेरिका का झंडा भी लगाया था.

हालांकि अमेरिका ने कभी चांद पर दावा नहीं किया, पर अब रूस साफ तौर पर दावा कर रहा है. रूस का कहना है कि शुक्र ग्रह पर रूस ने काफी काम किया है. उसके बनिस्पत नासा ने वहां काफी कम काम किया है. रूस ने शुक्र ग्रह पर 1984 से ही यान भेजने शुरू कर दिए थे. 10 से ज्यादा यान रूस वहां उतार चुका है.