मुंबई: कोरोना वायरस के मद्देनजर देशभर में लागू लॉकडाउन के बीच धार्मिक सद्भावना की एक बड़ी मिसाल मुस्लिम समाज के लोगों ने पेश की है. मुंबई में जब एक हिंदू बुजुर्ग की मौत हो गई, लेकिन लॉकडाउन के कारण उसके अंतिम संस्‍कार के लिए रिश्‍तेदार नहीं पहुंच पा रहे थे, तब पड़ोस में रह रहे मुस्‍लिमों ने मानवता दिखाते हुए उसके संस्‍कार के लिए आगे आए. उन्‍होंने बुजुर्ग के शव को कंधा दिया और शवयात्रा में राम नाम सत्‍य है के नारे भी लगाए. Also Read - अरविंद केजरीवाल के बयान पर सिंगापुर ने दिया जवाब- हमारे देश में कोई नया वेरिएंट नहीं, जो है वह भारत में हुआ पैदा

मुंबई के उपनगरीय बांद्रा इलाके में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने 68 वर्षीय हिंदू पड़ोसी का अंतिम संस्कार करने में मदद की, क्योंकि उनके रिश्तेदार लॉकडाउन के कारण उन तक नहीं पहुंच सके. Also Read - Covid 19 in India: कोरोना संक्रमण में आई कमी, लेकिन कम नहीं हो रहे मौत के आंकड़े, 1 दिन में 4,525 लोगों की हुई मौत

बांद्रा के गरीब नगर इलाके में रहने वाले प्रेमचंद्र बुद्धलाल महावीर के पार्थिव शरीर को उनके मुस्लिम पड़ोसी ‘राम नाम सत्य है’ का नारा लगाते हुए अपने कंधे पर लादकर श्मशान घाट ले गए. Also Read - Doctor Prabhat Kumar Dies: बिहार के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात कुमार की कोरोना संक्रमण से मौत

राजस्थान के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले महावीर का शुक्रवार रात एक बीमारी के कारण निधन हो गया. उनके पुत्र मोहन महावीर ने उसके बाद अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को निधन के बारे में सूचित किया, लेकिन वे लॉकडाउन के कारण नहीं आ सके.

मोहन महावीर ने कहा, ”मैं पास के पालघर जिले के नालासोपारा इलाके में रहने वाले अपने दो बड़े भाइयों से संपर्क नहीं कर सका. मैंने राजस्थान में अपने चाचा को पिता के निधन की सूचना दी, लेकिन लॉकडाउन के कारण वे नहीं आ सके.’’ उसने कहा कि बाद में, उनके मुस्लिम पड़ोसी आगे आए और शनिवार को अंतिम संस्कार करवाने में मदद की.

मोहन महावीर ने कहा, मेरे पड़ोसियों ने मृत्यु संबंधी दस्तावेज बनवाने में मदद की और मेरे पिता के शव को श्मशान घाट ले गए. इस स्थिति में मेरी मदद करने के लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं.’

अंतिम संस्कार में शामिल हुए यूसुफ सिद्दीकी शेख ने कहा, ”हम प्रेमचंद्र महावीर को अच्छी तरह से जानते थे. ऐसे समय में, हमें धार्मिक बेड़ियों को तोड़कर इंसानियत का परिचय देना चाहिए.”