भारत अपने विवधिता के लिए पुरे दुनिया में प्रख्यात है। भारत में कई ऐसे रीती रिवाज हैं जिनके बारें में जानकर आज भी सब हैरान हो जातें हैं। अपने आप में अनोखी लेकिन सदियों से इन्हें लोग निभातें आ रहे हैं। शायद यही कारण है की जब विदेशी इन रिवाजों के बारें में जानते है तो खुद को रोक नही पाते हैं और वो देखने भारत में चले आतें हैं। ऐसे ही कुछ रिवाज शादी में भी होता है। लेकिन आज हम आप को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की एक आदिवासी जाती के शादी के रिवाज में बताएंगे जो आप को हैरान कर देगी।Also Read - Maharashtra News: महाराष्ट्र के अकोला में 8 महीने की बच्ची को दिया गया HIV संक्रमित खून! जांच के आदेश

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शादी के दिन आप ने देखा ही होगा किस तरह लड़का अपनी दुल्हन को लाने एक बड़ी बारात लेकर जाता है। जब दूल्हा बारात लेकर आता है तब उसका खूब स्वागत भी होता है। लेकिन अगर छतीसगढ़ और मध्य प्रदेश के एक आदिवासी इलाकें में शादी करने आए दुल्हे को खून पीना पड़ता है। शादी में सभी रीती रिवाज को नियम के अनुसार किया जाता है लेकिन शादी को तब तक पूरा नही मानते हैं जब लड़का एक सुअर को अपने हाथ से मार के उसका खून न पिए। यह भी पढ़ें : जानिए महिलाओं के किस अंग को देखने से बढ़ सकती है आपकी उम्र Also Read - MPPSC : परीक्षा के प्रश्नपत्र में भीलों को 'आपराधिक प्रवृत्ति' का बताने पर सियासी घमासान

इस जनजाति को गौड नाम से जाना जाता है। इस रिवाज के अनुसार जब दूल्हा अपने घर से बारात लेकर निकलता है। तब बारात के सात उसके परिवार के लोग सूअर लेकर आतें हैं। इस सूअर को लड़का सबके सामने मारता है और फिर उसका खून पीता है। खून पीने के बाद शादी को पूरा माना जाता है। उसके बाद लड़का अपनी दुल्हन को लेकर अपने साथ घर लौटता है। भारत में कई ऐसे रिवाज आज भी हैं जिनके बारें सुनकर लोग सोच में पड़ जातें हैं की क्या ऐसा भी होता है।