राजगढ़ (मध्य प्रदेश): किसी भी हाल में ड्यूटी करनी थी, इसलिए पैदल ही निकल पड़ा. पैदल ही 450 किलोमीटर का सफ़र कर डाला. 450 किलोमीटर चलने में उसे चार दिन समय लगा. चौथे दिन में वह पैदल चलने के लिए सीधे थाने पहुंचा और ड्यूटी शुरू की. सेवा कार्य के प्रति समर्पित होने का मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक पुलिस जवान ने बड़ा उदाहरण पेश किया. इतना सफ़र लॉकडाउन के कारण बंद परिवहन सेवाओं के चलते करना पड़ा. Also Read - Delhi Metro Travel Guidelines: दिल्ली मेट्रो ने Lockdown के दौरान यात्रा के लिए जारी की गाइडलाइंस, अब 8 बजे मिलेगी पहली ट्रेन और....

मध्य प्रदेश के राजगढ़ (Rajgarh) जिले में पचोर थाना है. पुलिस जवान दिग्विजय शर्मा इसी थाने में तैनात है. 16 मार्च को स्नातक की परीक्षा देने अपने गृहनगर इटावा (उत्तर प्रदेश) गया था. इसी दौरान कोरोनावायरस के चलते परीक्षाएं निरस्त कर दी गईं. वह 24 मार्च तक अवकाश पर था. 24 मार्च को ही लॉकडाउन हो गया. उसे ड्यूटी की फिक्र इतनी थी कि वह पैदल ही निकल पड़ा. लॉकडाउन के कारण परिवहन के सारे साधन बंद होने से उसके लिए राजगढ़ तक आना आसान नहीं था. इस स्थिति में उसने अपनी ड्यूटी पर पहुंचने के लिए पैदल चलने का फैसला किया. Also Read - Covid-19 RT-PCR Test: कोविड के लक्षण हैं, लेकिन रिपोर्ट में संक्रमण की नहीं हुई पुष्टि तो क्या करें? विशेषज्ञ ने दी यह सलाह...

दिग्विजय बताता है कि वह 24 मार्च को इटावा से निकला था और 28 मार्च को अपनी ड्यूटी के लिए थाने पहुंचा है. उसने लगभग 450 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय किया. बीच में जरूर कुछ साधन मिल गए. लेकिन अधिकतर वह पैदल ही चला. पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा कि दिग्विजय शर्मा ने अपनी ड्यूटी के प्रति कर्तव्य परायणता दिखाई है, और वह दूसरों के लिए आदर्श है. पुलिस जवानों में भी इससे उत्साह है. पुलिस जवान को प्रशसा पत्र भी दिया गया है. Also Read - केजरीवाल की अपील का नहीं दिखा असर, दिल्ली में लॉकडाउन लगते ही घरों के लिए निकले प्रवासी श्रमिक

बता दें कि 24 मार्च को लॉकडाउन के कारण जो जहां था वहीं फंस गया. इस बीच बड़ी संख्या में कामगार मजदूर पैदल ही अपने घरों को निकल पड़े. लोग सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर घरों को पहुंचे. मध्य प्रदेश के मुरैना के शख्स की पैदल चलते-चलते आगरा में मौत हो गई थी. लोगों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा.