Maggi आज भारत के हर घर में मशहूर हो चुकी है. शायद ही देश में ऐसा कोई हो जिसे मैगी पसंद न हो. 5 रुपये की मैगी कुछ ही मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है. ऐसे में बैचलर लाइफ जी रहे लोगों के लिए मैगी किसी वरदान से कम नहीं है. लेकिन मैंगी के आने के पीछे एक लंबी कहानी है जो शायद बहुत ही कम लोगों को पता होगी. मैगी को भारत आए 37 साल हो चुके हैं. लेकिन मैगी का जन्म इससे पहले हो चुका था. भारतीय बाजार में मैगी साल 1984 में आई थी. इस समय मैगी के निर्माताओं ने नहीं सोचा होगा कि भारतीयों को यह इतना पसंद आएगा.Also Read - नूडल्स-मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले के अधिकांश प्रोडक्ट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, रिपोर्ट में हुआ खुलासा, जानिए- क्या है पूरा मामला?

बता दें कि मैगी को भारत लाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया है. बता दें कि साल 1947 में नेस्ले maggi का विलय स्विटजरलैंड की कंपनी नेस्ले के साथ हुआ था. इसके बाद यह एक प्रसिद्ध ब्रांड बन गया. लेकिन आपको बता दें कि मैगी का जन्म मजबूरी में हुआ था. इसकी उत्पति का मुख्य कारण बना समय की कमी. दरअसल साल 1872 में मैगी ब्रांड स्विट्जरलैंड के एक बिजनेसमैन जूलियस मैगी ने मैगी को स्थापित किया था. यह वह दौर था जब दुनिया भर में औद्योगिक क्रांति चल रही थी. इसी दौरान मैगी का भी जन्म हुआ था. इस दौरान में फैक्ट्रियों कंपनियों में महिलाओं को लंबे समय तक काम करना पड़ता था, जिससे उनके पास खाना बनाने का वक्त नहीं बच पाता था. ऐसे में स्विस पब्लिक वेलफेयर सोसायटी ने जूलियस मैगी की मौदद ली और मैगी का जन्म हुआ. Also Read - Maggi पर फिट बैठता है 'मिर्जापुर' का डायलॉग- शुरू मजबूरी में किए थे, अब मजा आ रहा है, जानें कैसे हुआ मैगी का जन्म

जूलियस ने प्रोडक्ट को लॉन्च किया और इसका नाम अपने नाम पर रखा. तभी से इस प्रोडक्ट का नाम मैगी पड़ गया. बता दें कि साल 1897 में पहली बार जर्मनी में मैगी को पेश किया गया था. शुरुआती दौर में जूलियस ने प्रोटीन से भरपूर रेडीमेड सूप तैयार किया इस काम में उन्होंने अपने फिजिशियन दोस्त फ्रिडोलिन शूलर की मदद ली थी. लेकिन समय के साथ साल 1912 आते आते मैगी काफी चर्चित हो गया और दुनियाभर के कई देशों ने इसे अपनाया. लेकिन इसी वर्ष 1912 में जूलियस मैगी का निधन हो गया. यही से मैगी के जन्म, करियर, चर्चा का समय शुरू हुआ और मैगी ने कई दौर देखे. आज मैगी भारत के उन चुनिंदा प्रोडक्ट्स में से एक हैं जिसे भारत में सबसे ज्यादा और बड़े ही चाव से खाया जाता है. Also Read - नेस्ले ने माना, Maggi में है खतरनाक सीसा, SC ने पूछा- क्यों खाएं बच्चे