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मथुरा/वृंदावन: एक साल पहले लोकसभा चुनाव 2014 में मथुरा-वृंदावन सीट से जीतने के बाद लोकप्रिय सिने अभिनेत्री हेमा मालिनी ने क्षेत्र के हर घर में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ जल उपलब्ध करवाना और यमुना नदी को पुनर्जीवित कर इसे पानी से भरने का वादा किया था। लेकिन एक साल के बाद ये वादे पूरे होते नहीं दिख रहे हैं। श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के लोग सवाल कर रहे हैं कि इन वादों का क्या हुआ। Also Read - बंगाल चुनाव से पहले हेमा मालिनी का बड़ा बयान, कहा- भाजपा के सत्ता में आने पर ही लोगों का जीवन सुधरेगा

मथुरा, गोवर्धन, वृंदावन और चौमुहन में अभी भी पानी की किल्लत है। जल स्तर नीचा होने से समस्या और बढ़ रही है। नदी संरक्षरण से जुड़े कार्यकर्ता मंगल शुक्ला ने कहा, “150 फीट की गहराई तक भी पानी उपलब्ध नहीं है।” पानी साफ करने के लिए बनाया गया गोकुल बैराज भी इसमें मदद नहीं कर पा रहा है। हर दिन किसी न किसी जगह पर लोग जल आपूर्ति को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन करते हैं। यह भी पढ़े:बिलासपुर में बजरंगबली भक्तों से वसूलते हैं ब्याज

लगभग 10,400 वर्ग किलोमीटर में फैले पर्यावरण के प्रति संवेदनशील ताज ट्रेपीजियम जोन में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सैकड़ों करोड़ रुपयों के निवेश के बावजूद आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद जिलों में बिजली और पानी की पर्याप्त आपूर्ति की कमी है। कार्यकर्ता डॉक्टर अशोक बंसल ने आईएएनएस को बताया, “समस्या केवल मात्रा की नहीं, बल्कि नदी में पानी की गुणवत्ता की भी है।” गर्मियों के समय पेयजल की समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों को पेयजल के लिए मीलों दूर जाना पड़ता है।

चौमुंहा ब्लॉक में एक ग्राम पंचायत सदस्य राम भरोसे ने बताया कि ग्रामीण पाइपलाइन नेटवर्क बढ़ाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शायद समस्या की गंभीरता को पहचानते हुए जिला प्रशासन रिवर्स ओस्मोसिस (आरओ) प्लांट लगवाने का समर्थन कर रहा है। एक आरओ प्लांट का उद्घाटन 11 मार्च को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था, जिसका संचालन एक अप्रैल से शुरू हो चुका है।

मथुला जिला अधिकारी राजेश कुमार ने आईएएनएस को बताया कि मुख्यमंत्री ने ब्रज इलाके के लिए ऐसे पांच और प्लांटों को मंजूरी दी है। हर प्लांट में प्रतिदिन 5,000 लीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे बढ़ाकर 10,000 लीटर तक किया जा सकता है। उन्होंने बताया, ‘उपयोगकर्ताओं को शुरुआत में 50 पैसा प्रतिलीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा। बाद में यह 25 पैसा प्रति लीटर हो जाएगा।”

एक ग्रामीण नेता अजीत सिंह ने कहा कि अशुद्ध जल के कारण बड़ी संख्या में लोगों को हेपेटाइटिस और टायफाइड हो रहा है। पिछले सप्ताह कोसी के पास एक गांव में 222 रोगियों के परीक्षण में 92 रोगी हेपेटाइटिस बी और सी से ग्रस्त मिले। चौमुहां के श्री गोपाल ने कहा, “हमें समाजवादी पार्टी सरकार से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन कुछ नहीं हुआ।”