जालौन (उत्तर प्रदेश): एक 50 वर्षीय महिला यहां एक नाले में गिर गई. ये नाला यमुना नदी में गिरता है. महिला इसमें बहकर नदी में पहुँच गई, लेकिन चमत्कार हुआ और महिला ने खुद को बचा लिया. नदी में एक लकड़ी का पोल महिला को मिल गया. महिला यही लकड़ी का पोल थामे रही और 16 घंटे तक तैरती रही. एक जिले से दूसरे जिले में पहुँच गई. महिला को नाविकों ने देख लिया और उसकी जान बचाई.Also Read - एक दिन में 30 के बजाय सात घंटे में 101 महिलाओं की कर दी नसबंदी, जांच के आदेश

जालौन से बहते हुए हमीरपुर में करीब 25 किलोमीटर दूर कुछ नाविकों ने उसे बचाया, जिन्होंने मदद के लिए उसकी पुकार सुनी और उसे नदी से बाहर निकाला. बाद में पुलिस ने उसे उसके परिवार से मिलवाया गया. खबरों के मुताबिक, जय देवी अपने खेतों में गई थीं, जब वह गलती से जालौन में उफनते किलंदर नाले में गिर गईं, जो यमुना नदी में मिल जाती हैं. Also Read - दिल्ली: यमुना में पानी का जलस्तर घटा, ‘चेतावनी’ के निशान से अब भी ऊपर

शुक्रवार की शाम धारा में गिरने के बाद, वह एक तेज धारा के बाद बह गई जो उसे यमुना नदी में ले गई. वह लकड़ी के लट्ठे से चिपक गई और 16 घंटे से अधिक समय तक तैरती रही. हमीरपुर जिले के मनकी गांव में जब नाविकों ने उसे नदी में बहते हुए देखा, तो पुलिस को सूचना दी और बाहर ले आए. Also Read - Delhi Flood Alert: राजधानी दिल्ली में बाढ़ जैसे बन रहे हालात, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसके बेटे राहुल और बेटी विनीता को सूचित किया गया और वे उसके पास पहुंचे. बाद में पुलिस ने महिला को उसके परिजनों को सौंप दिया. हरौलीपुर पुलिस चौकी प्रभारी भरत यादव ने कहा, “यह भगवान के चमत्कार के अलावा और कुछ नहीं था.”