नई दिल्‍ली: कोरोना संकट के बीच लंबी ड्यूटी से पुलिस के जवान अब थकने लगे हैं और कई पुलिस जवान तरह-तरह के कारण बताते हुए छुटि्यों के लिए अप्‍लाई कर रहे हैं. ताजा एक मामला मध्‍य प्रदेश से सामने हैं, मध्‍य प्रदेश में पुलिस की स्‍पेशल आर्म्‍ड फोर्स (एसएएफ) जवान ने अपनी भैंस की देखभाल की वजह बताते हुए छुट्टी मांगी है. अपने आवेदन में जवान ने लिखा है, मेरी भैंस को मेरी जरूरत है. Also Read - MP Govt का प्‍लेन रेमडेसिविर की खेप ले जाते वक्‍त ग्वालियर एयरपोर्ट में दुर्घटनाग्रस्‍त, पायलट- को-पायलट जख्‍मी

टाइम्‍स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक, रीवा में स्‍पेशल आर्म्‍ड फोर्स (एसएएफ) 9वीं बटालियन में ड्राइवर के पद पर तैनात जवान ने अपनी छुट्टी के आवेदन में अपनी भैंस के प्रति लगाव जताते हुए छह दिन की छुट्टी मांगी है. लीव एप्‍लिकेशन में जवान इसका जिक्र किया है. एसएएफ जवान ने पत्र में अपनी मां की बीमारी और भैंस की सेवा की जरूरत बताते हुए छुट्टी मांगी है. Also Read - Madhya Pradesh Lockdown Update: मध्य प्रदेश में 15 मई तक सबकुछ बंद रहेगा! मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की बड़ी घोषणा; यहां देखें दिशानिर्देश

मध्‍य प्रदेश की विशेष शस्‍त्र पुलिस बल के जवान ने अपने कमांडेंट को भेजे अपनी छुट्टी के आवेदन में लिखा, ”यह भैंस का ही दूध था, जिसने मुझे पुलिस में भर्ती होने में मदद की और यह वक्‍त है कि मैं उसे चुक्‍ता करूं.” इसके बाद यह पत्र वायरस होने के बाद पुलिस विभाग और शहर में तब चर्चा का विषय बन गया. Also Read - COVID19: पंजाब में बढ़ रहा पॉजिटिविटी रेट और मौतों का आंकड़ा, मध्‍य प्रदेश में कम होने का दावा

पुलिस जवान ने लिखा, ”मैं आपके अंडर में वाहन शाखा में पदस्‍थ हूं. मेरी मां की तबीयत पिछले दो महीने ठीक नहीं है. मेरे घर में एक भैंस भी हैं, जिसे मैं बहुत प्‍यार करता हूं. इस भैंस ने हाल में एक पाडा को जन्‍म दिया है. घर में उसकी देखरेख के लिए कोई नहीं है.”

पुलिस जवान ने लिखा, सर मेरी जिंदगी में भैंस की एक अहम भूमिका है क्‍योंकि मैंने भर्ती की तैयारी के लिए इसी का दूध पीने के बाद दौड़ता था. यह मेरी वजह है, जिसे मैं डिपार्टमेंट को बता सका. वह मेरी अच्‍छे-बुरे में साथ रही है. इसलिए मुझे उसकी देखभाल करना होगी. कृपया मेरी 6 दिन की आकस्‍मिक छुट्टी स्‍वीकार करें ताकि मैं मां का इलाज करवा सकूं और भैंस की देखभाल कर सकूं.

वहीं, कमांडेंट ने कहा है कि वे हर आवेदन को गंभीरता से लेते हैं और किसी को भी छुट्टी लेने से मना नहीं करते हैं. अगर किसी ने मुझसे छुट्टी मांगी है तो मैं कभी आपत्ति नहीं करता हूं.