AI से फर्जी ट्रेन टिकट बनाकर कर रहे थे ट्रेन में सफर! टीटीई ने सेकंडों में पकड़ लिया पूरा खेल, जानें असली-नकली पहचानने का आसान तरीका

Indian Railways Fake Ticket: सोशल मीडिया पर रेलवे का एक मामला तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग AI से नकली टिकट बनाकर सफर कर रहे थे. लेकिन आगे ऐसा हुआ की टीटीई के सामने उनकी सारी पोल खुली की खुली रह गई. जानें पूरा मामला...

Published date india.com Published: December 3, 2025 4:21 PM IST
Indian Railways Fake AI Ticket
Indian Railways Fake AI Ticket

AI आज के वक्त में हर सेक्टर में आम हो गया है. स्कूल की पढ़ाई से लेकर ऑफिस और सरकारी कामों में AI का इस्तेमाल काफी आम है. साथ ही, AI से जुड़े कई कोर्स भी अब मार्केट में आम हो गए हैं और कई कंपनियों में जिन लोगों के एआई का ज्ञान है, सिर्फ उनकी ही हायरिंग हो रही है. इससे पता चलता है कि आगे आने वाले वक्त में AI कैसे काम करेगा और किस मुकाम तक पहुंच जाएगा. हालांकि, एक तरफ जहां ये सॉफ्टवेयर लोगों के लिए सहूलियत का काम करती है, वहीं इसका गलत इस्तेमाल भी काफी बढ़ गया है. ऐसा ही एक मामला इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ यात्री एआई की मदद से नकली ट्रेन टिकट बनाकर सफर कर रहे थे.

ट्रेन में नकली टिकट के साथ सफर

रिपोर्ट के मुताबिक, भरतीय रेल के मध्य रेलवे जोन में हाल ही में 3 यात्री ऐसे पकड़े गए हैं, जिन्होंने AI की मदद से नकली ट्रेन का टिकट बनाकर यात्रा करने की कोशिश की थी. पड़के जाने पर रेलवे ने इन तीनों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. अगर आप ये सोच रहे हैं, कि यह लोग कोई ठग है, या पैसे की कमी के कारण ऐसा किया है, तो आपको जानकर हैरानी होगी कि इनमें पड़ी गई एक महिला अच्छे परिवार से ताल्लुक रखती है.

आखिर कैसे पकड़े गए तीनों

दरअसल, मध्य रेलवे के टीटीई प्रशांत कामले ने बताया कि उन्होंने कुछ यात्रियों के टिकट चेकिंग के दौरान कुछ गड़बाड़ी पाई. उन्होंने नकली टिकट में पाया कि तमाम टिकटों पर एक ही UTS (Unreserved Ticketing System) नंबर था, जोकि असली टिकटों में अलग-अलग होता है. जिस तरह आम ट्रेन टिकट पर अलग-अलग PNR नंबर होता है, वैसे ही अनरिजर्व्ड टिकटों पर UTS नंबर दर्ज होता है, जो अलग-अलग अंकों के साथ आता है. लेकिन जब ये लोग टिकट के साथ इस तरह की खुराफाती कर रहे थे तो उन्होंने इसपर ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद टीटीई ने इन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया.

कैसे कर सकते हैं असली और नकली टिकट की पहचान

भारत में आज भी कई लोगों को ट्रेन की टिकट बुक करनी नहीं आती और यह लोग टूर एंड ट्रेवल्स वालों के भरोसे होते हैं. ऐसे में AI से फर्जी टिकट बनकर मिल सकती है. इसलिए ये जानना जरूरी है कि असली और नकली टिकट कैसे पहचाने? अगर कोई व्यक्ति यूटीएस ऐप की मदद से टिकट बुक करता है और उसकी फोटो, स्क्रीनशॉट या किसी अन्य तरीके से टिकट दिखाता है तो वो टिकट पूरी तरह से अमान्य माना जाएगा. UTS ऐप से बुक होने वाली टिकट कभी भी फर्जी या नकली नहीं हो सकती है. अगर कोई यात्री टिकट की फोटो, स्क्रीनशॉट या किसी अन्य तरीके से टिकट दिखाता है तो उसमें फर्जीवाड़े की काफी संभावनाएं हो सकती हैं.

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