PM Modi Paragliding: नरेंद्र मोदी को आसमान में ले जाने के 27 साल बाद पैराग्लाइडर के एक पायलट ने उस समय के अनुभव साझा किए हैं. वाक्या 1997 का है, जब मोदी भारतीय जनता पार्टी की हिमाचल प्रदेश इकाई के प्रभारी थे. तब उन्हें पश्चिमी हिमालय में सोलंग घाटी में पहली पैराग्लाइडिंग उड़ान सीखने और इसका लुत्फ लेने का अवसर मिला था.Also Read - CBSE 12th Result Declared: 70 हजार छात्रों ने हासिल किए 95 फीसदी या उससे अधिक अंक, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

मोदी के साथ आसमान में जाने वाले पहले पैराग्लाइडर पायलट थे बुद्धि प्रकाश (45), जो मनाली से सिर्फ 13 किलोमीटर की दूरी पर सोलंग में बैकपैकर्स, हनीमून और पर्यटकों के लिए एक जाने-माने प्रशिक्षक हैं. Also Read - अगले लोकसभा चुनाव को लेकर बोले रामदास अठावले, '2024 में खेला नहीं सत्ता के लिए मोदी का मेला होगा'

उत्साहित प्रकाश ने बताया, “मोदीजी मजबूत और साहसी थे, जब उन्होंने 1997 में अपनी पहली पैराग्लाइडिंग की थी.” प्रकाश को उस समय फ्लाइंग के लिए चुना गया था. Also Read - नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति राष्ट्र निर्माण के ‘महायज्ञ’ के बड़े तत्वों में से एक: पीएम मोदी

उन्होंने कहा कि उस समय सोलंग घाटी में कोई रोपवे नहीं था.

प्रकाश ने कहा, “उस समय पैराग्लाइडिंग के लिए टेकऑफ साइट चुनौतीपूर्ण थी. किसी को पीक तक पहुंचने के लिए ट्रेक करना पड़ता था. आम तौर पर, जब पर्यटकों को झल्लाहट हो रही थी और सांस फूल रही थी, तब तक मोदीजी ने उस जगह पर बिना विराम के या तनाव लिए ट्रेक किया.”

उन्होंने कहा, “आम तौर पर पहली बार उड़ान भर रह लोग डरते हैं, लेकिन मोदीजी इस बारे में डरे हुए नहीं थे और फ्लाइंग के दौरान भी बिल्कुल डरे नहीं थे. वास्तव में, उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक अच्छा अनुभव था.”

प्रकाश ने बताया कि फ्लाइट करीब 2 मिनट का था.

प्रकाश ने बताया, “वास्तव में, अपने पहले अनुभव के बाद, वह एक लंबी अवधि की उड़ान के लिए जाने के इच्छुक थे. इसके लिए, उन्होंने कहा कि वह किसी और दिन समय निकालकर आएंगे.”

उसके बाद मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने और सोलंग घाटी में कभी नहीं लौटे. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी हमेशा अपने सार्वजनिक संबोधनों में पहाड़ी राज्य में रहने के दौरान अपने अनुभवों को साझा करना पसंद करते हैं.

अब प्रधानमंत्री मोदी 3 अक्टूबर को फिर से उस जगह का दौरा कर रहे हैं, जहां उन्होंने अपनी टेंडम पैराग्लाइडिंग उड़ान भरी थी.

दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण और शानदार इंजीनियरिंग को दर्शाने वाले मोटरवे में से एक रोहतांग सुरंग का उद्घाटन करने के बाद, यहां मोदी सोलंग में जनता को संबोधित करेंगे.

प्रकाश ने कहा, “मैं मोदीजी को सुनने के लिए भीड़ में से एक होऊंगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि मुझे उनसे मिलने का मौका मिलेगा.”
(एजेंसी से इनपुट)