पटना: लोक आस्था के महापर्व छठ में पुलिसकर्मियों को छुट्टी पर जाने के लिए छठी मैया की कसम खाकर आवेदन करने का पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. पुलिस सूत्रों का दावा है कि समस्तीपुर पुलिस द्वारा ऐसे ही आवेदन पत्र भरने के बाद पुलिसकर्मियों को छठ पर्व में छुट्टी दी जा रही है. इस बीच समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक ने इस मामले के प्रकाश में आने के बाद जांच के आदेश दिए हैं. पुलिस सूत्रों का कहना है कि छठ पर्व के लिए छुट्टी नहीं मिलने के कारण पुलिसकर्मियों द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाकर आवेदन किए जा रहे हैं. बिहार के एक पुलिसकर्मी का पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. पत्र में पुलिसकर्मी ने छठी मैया की कसम खाते हुए छुट्टी के लिए आवेदन दिया है. Also Read - जीजा के इश्‍क में ऐसी अंधी हुई युवती, अपने पति का ही मर्डर करवा दिया...

समस्तीपुर की एक पुलिस चौकी में पदस्थापित अवर निरीक्षक नारायण सिंह द्वारा विभाग को दिया गया एक शपथ पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. नारायण सिंह ने शपथ पत्र में लिखा है, मैं पुलिस अवर निरीक्षक नारायण सिंह, छठी मैया को साक्षी मान कर शपथ लेता हूं कि मैं स्वयं छठ पिछले 40 साल से करता आ रहा हूं. हे छठी मैया, अगर मैं झूठ बोल कर छुट्टी ले रहा हूं, तो उसी समय मेरे बच्चों और मेरे समस्त परिवार पर घोर विपत्ति आ जाए. Also Read - Corona Guidelines for Navratri and Ramadan 2021: यूपी, बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक, जानिए इन 6 राज्यों में नवरात्र और रमजान को लेकर क्या हैं नियम?

इस संबंध में जब समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक विकास वर्मन से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें भी इसकी सूचना मिली है. पुलिस अधीक्षक ने कहा, जिला मुख्यालय द्वारा ऐसे शपथ पत्र के साथ आवेदन पत्र लेने का कोई निर्देश या आदेश नहीं दिया गया है. इस मामले पर पुलिस लाईन सार्जेट को जांच के आदेश दिए गए हैं. ऐसा आवेदन दिया जाना कहीं से उचित नहीं है. जांच के बाद ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी. Also Read - Bihar: पश्‍चिम बंगाल में भीड़ के हमले में मारे गए SHO की बेटी ने कहा- यह षड़यंत्र, मैं CBI जांच की मांग करती हूं

सूत्रों का कहना है कि छुट्टी लेने की चाहत रखने वाले 85 पुलिसकर्मियों ने ऐसे शपथ पत्र भरकर आवेदन जमा किए हैं, जिनमें लिखा गया है, हे छठी मैया अगर मैं झूठ बोल कर छुट्टी ले रहा हूं तो उसी समय मेरे बच्चे और मेरे समस्त परिवार पर घोर विपत्ति आ जाए. इसके बाद शपथ पत्र में संबंधित पुलिसकर्मी के हस्ताक्षर के लिए जगह छोड़ी गई है.

(इनपुट-आईएएनएस)